पूजा करने घाट पहुंची महिलाओं को जगह-जगह दिखीं मरी मछलियां
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छठ महापर्व के मौके पर रुद्रपुर शहर के बीच से होकर गुजरने वाली कल्याणी नदी में केमिकल से मछलियों मरने से मौत से लोगों में नाराजगी है। नदी के किनारे स्थित अटरिया मंदिर पर हर साल की तरह इस बार भी छठ पूजा की तैयारी जोर शोर से चल रही थी। रविवार को नदी में रसायन डालने से नदी में मछलियों की मौत हो गई और कुछ देर बाद मछलियां ऊपरी सतह पर तैरने लगीं। सोमवार को घाट पर पूजा की तैयारी कराने पहुंचे लोगों ने नदी में मरी हुई मछलियां को तैरता देखा तो वह आक्रोशित हो उठे। नदी के दोनों किनारों पर पूजा की तैयारी में जुटे लोगों ने कहा की छठ पूजा का बहुत बड़ा महत्व होता है।
इस मौके पर इस प्रकार का कृत्य करना उचित नहीं। इससे लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है। बताया की पूजा स्थल के नजदीक नदी में मरी हुई मछलियों के बीच महिलाओं को अर्घ्य देना पड़ेगा। आरोप है कि एक कंपनी ने नदी में केमिकल डाला। जिससे मछलियां मरीं। इधर, एडीएम पंकज उपाध्याय का कहना है कि मामले की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कराई जाएगी। साथ ही नदी में बार-बार हो रही घटना को रोकने के लिए निगरानी के लिए कहा जाएगा। किसी कंपनी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
नदी के दोनों ओर टेंट, रंग बिरंगी झालर और लाइटों से सजावट
छठ पूजा के मौके पर नदी के दोनों किनारों पर टेंट लगाए गए हैं। इस दौरान यहां भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंच कर सूर्य देव छठ माता की उपासना करते हैं। दोनों किनारों पर रंग बिरंगी लाइट व झालरों से मनमोहक सजावट की गई है। सुबह से दोनों किनारों पर छठ के पावन गीतों की ध्वनि सुनाई देती रही।
नदी में नहीं डालना था केमिकल
नदी किनारे पूजा की तैयारी करा रहे राम कुमार चौबे ने बताया की हर साल छठ के मौके पर यहां का पानी साफ करने के लिए रसायन डाला जाता है। इस कारण नदी में भारी संख्या में मछलियों की मौत हो जाती है। जबकि हकीकत यह है कि इससे पहले नदी की सफाई को लेकर जिम्मेदार कोई कदम नहीं उठाते। यहीं तैयारी में जुटे जितेंद्र सिंह ने कहा की छठ के अवसर पर महिलाएं नदी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं। लेकिन यहां मछलियों के मारे जाने के चलते श्रद्धालुओं के समक्ष यह समस्या खड़ी हो गई है कि वह कहां अर्घ्य देंगी।