मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि प्रत्येक परिवार को माहवारी जैसे विषय की जानकारी बेझिझक अपनी बेटी को देनी चाहिए। उन्हें माहवारी के समय सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करने की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने प्रकृति के सिस्टम माहवारी के बारे में गलत सोचने वालों को अंधविश्वासी और मूर्ख की संज्ञा दी। सीएम ने हर जिले में सेनेटरी नैपकिन प्लांट लगाने की जरूरत पर जोर देते हुए एक करोड़ की धनराशि देने की घोषणा भी की।
रविवार शाम हल्द्वानी से कार से विकासखंड परिसर पहुंचे सीएम रावत ने वेदांता समूह की इकाई हिंदुस्तान जिंक के सीएसआर निधि से स्थापित स्पर्श सेनेटरी नैपकिन उत्पादन इकाई, वन स्टॉप सेंटर और आंगनबाड़ी भवन शिमला पिस्तौर प्रथम एवं द्वितीय का उद्घाटन किया। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्लांट से उत्पादित होने वाली प्रति नैपकिन का दाम तीन रुपये रखा गया है, लेकिन इससे भी कम दाम पर इसे उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि गरीब वर्ग की बेटियां और महिलाएं भी इसका इस्तेमाल कर सकें। राज्य में घटते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अभी बहुत से जिलों को सुधार करते हुए लिंगानुपात बढ़ाना है। 10 महीने पहले पिथौरागढ़ में प्रति हजार पर 813 बालिकाएं थी, लेकिन जब प्रयास किए गए तो वर्तमान मेें एक हजार पर 933 बालिकाएं हो गई। इसी तरह बागेश्वर में एक हजार पर 1023 और उत्तरकाशी में एक हजार पर 1024 बेटियां हैं। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून को विशेष प्रयास की जरूरत है।
महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य ने अपील की कि बेटियां और महिलाएं माहवारी के समय पुराने कपड़ों का इस्तेमाल न करें। इससे सर्वाइकल कैंसर सहित कई बीमारियां होती हैं। किशोरियों और महिलाओं को झिझक और शर्म से निकलकर नैपकिन का इस्तेमाल करना चाहिए। समाज की सोच में बदलाव की जरूरत है। बताया गया कि यूनिट में प्रति दिन 10 हजार सेनेटरी नैपकिन का निर्माण किया जाएगा। विधायक राजकुमार ठुकराल ने नजूल नीति में दरों को संशोधित करने, ट्रांसपोर्टनगर और ट्रंचिंग ग्राउंड की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने किशोरियों को निशुल्क नैपकिन पैकेट भी वितरित किए। वहां जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, विधायक राजेश शुक्ला, पुष्कर धामी, डजॉ. प्रेम सिंह राणा, गणेश जोशी, मेयर सोनी कोली, वेदांता ग्रुप की नीलिमा खेतान, अनीता गुप्ता आदि थे।
चार विद्यालयों को दी गई वेंडिंग मशीन
शहर के चार बालिका विद्यालयों को सेनेटरी नैपकिन की स्वचालित मशीन दी गई। कार्यक्रम में पांच सौ किशोरियों और महिलाओं को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन पैकेट दिए गए। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि 10 रुपये का सिक्का डालने पर तीन नैपकिन मशीन से बाहर निकलेंगी। इधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश ने बताया कि जीजीआईसी फाजलपुर महरौला, गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज, सनातन धर्म और आर्य कन्या इंटर कॉलेज को मशीनें दी गई हैं।
डीएम और डीपीओ की सराहना
किशोरियों और महिलाओं को सस्ते दामों में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने को लेकर सीएसआर निधि से सेनेटरी नैपकिन निर्माण यूनिट को स्थापित करने पर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्र की प्रशंसा हुई। मुख्यमंत्री ने इस पहल को सराहते हुए अन्य जिलों में भी प्लांट लगाने की बात कही। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने भी दोनों अधिकारियों के प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि बागेश्वर में 27 फरवरी को नैपकिन यूनिट का शुभारंभ होगा।
दिवंगत अफसर अक्षत गुप्ता को याद किया
जिले में डीएम रहते हुए मिशन आगाज योजना को शुरू करने वाले दिवंगत आईएएस अफसर अक्षत गुप्ता को मिशन आगाज से जुड़े बच्चों ने गीत के माध्यम से याद किया। उन्होंने ‘बैठे थे अब तक कूड़े के ढेर में अक्षत सर ने बिठाया सेज पर’ गाकर उनके कार्यों को बताया। लोगों को बताया गया कि किस तरह से कूड़ा बीनने वाले बच्चों को तत्कालीन डीएम की पहल पर समाज की शैक्षिक धारा में लाया गया। इन बच्चों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भी कार्यक्रम की प्रस्तुति दी, जिसे सराहा गया। इसके बाद विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने कार्यक्रम पेश किए।
भाजपा नेता को मंच से किनारे किया
मुख्यमंत्री के लिए बनाए गए मंच पर भाजपा नेता नत्थूराम गुप्ता जबरन चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उनका नाम मंच पर बैठने वालों की सूची में भी नहीं था। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मंच पर नहीं चढ़ने दिया। इसके बाद वे मंच के आगे इधर-उधर घूमने के बाद स्थानीय अफसरों को फोन पर किसी नेता से बात करने का दबाव बनाने लगे। इस पर अफसरों का गुस्सा आ गया और पुलिसकर्मियों ने उन्हें मंच से किनारे कर दिया। भाजपा नेता के रवैये पर एसएसपी के साथ ही एडीएम और एसडीएम ने भी नाराजगी जताई।
नजूल नीति का कांग्रेस को करना चाहिए था स्वागत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संक्षिप्त वार्ता में कहा कि नजूल नीति में 50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट को फ्रीहोल्ड कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लेने का प्रावधान किया गया है। इससे गरीबों को फायदा होगा। इस नीति का कांग्रेस को स्वागत करना चाहिए था। पर वे नीति का विरोध कर अपना धर्म निभा रहे हैं और हम अपना धर्म निभा रहे हैं। सीएम ने कहा कि एनएच की जांच सही दिशा में और निष्पक्ष तरीके से चल रही है। अगर ऑर्डर है तो केवल इतना है कि इस घोटाले में लिप्त कोई भी अपराधी बचना नहीं चाहिए।