आक्रोशित परिजनों ने की अस्पताल में की तोड़फोड़
डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग
सितारगंज। एक निजी अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने डिलीवरी के 24 घंटे बाद दम तोड़ दिया। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया।
शक्तिफार्म के ग्राम देवनगर निवासी रंजीत बाक्शी ने अपनी गर्भवती पत्नी रेशमा बाक्शी (25) को डिलीवरी के लिए 15 अक्तूबर को एसएच अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार रेशमा की जांच के बाद खून चढ़ाया गया था। बीते बृहस्पतिवार को रेशमा की सीजर से डिलीवरी हुई थी। शुक्रवार की रात आठ बजे अचानक उसकी मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल की कई खिड़की और दरवाजों को तोड़ दिया। उन्होंने डाक्टर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की।
आक्रोशित भीड़ को समझाने में पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। मृतका की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। डिलीवरी के बाद बेटा पैदा हुआ था। रेशमा की मौत से पति का रो-रोकर बुरा हाल था। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल मामले की जांच करेंगे। वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
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कोट:
रेशमा को रक्तचाप की शिकायत थी। परिजनों को इसकी जानकारी भी दी गई थी। परिजनों की सहमति के बाद ही ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के बाद उसका ब्लड रक्तचाप बढ़ गया था। उसे दौरे आने लगे और उसकी मौत हो गई थी। - डॉ. रिचा पांडे, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एसएच अस्पताल