शक्तिफार्म। एक माह पूर्व दिल्ली से सुरेंद्रनगर पहुंची महिला की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। गनीमत रही कि महिला सहित परिवार पहले से ही होम क्वारंटीन है।
वहीं, शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला को रुद्रपुर में भर्ती कराने के लिए उसके घर पहुंची तो परिजनों ने बार-बार उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें एक माह से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। आखिर काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला को जिला अस्पताल ले गई।
सुरेंद्रनगर गांव में दो परिवारों के 18 लोग 13 जून को दिल्ली से पहुंचे थे। 14 जून को दोनों परिवारों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंतनगर स्थित संस्थागत क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया था। इनमें एक परिवार के 13 और दूसरे परिवार के पांच लोग शामिल थे। एक परिवार के 11 लोगों को 22 जून और बाकी सात लोगों को 25 जून को जांच रिपोर्ट निगेटिव बताई गई। इसके बाद सभी को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन की हिदायत के साथ घर भेज दिया गया था।
इधर, पंतनगर में 18 जून को लिए गए सैंपल के आधार पर इनमें से एक परिवार की पांच महिलाओं सहित छह लोग और दूसरे परिवार की दो महिलाओं की जांच रिपोर्ट 30 जून को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद दोनों परिवारों के मोहल्ले को कंटेनमेंट जोन घोषित कर इन्हें दोबारा 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया था। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली से सुरेंद्रनगर पहुंचे इन आठ लोगों का बीती छह जुलाई को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया। नौ जुलाई को आई रिपोर्ट में आठ लोगों में से सात लोगों की रिपोर्ट निगेटिव जबकि एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस कर्मी उसे रुद्रपुर में आइसोलेट कराने के लिए उसके घर पहुंचे। वहां टीम को महिला के परिजनों के विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा। परिजनों का आरोप था कि उन्हें बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। परिजनों का कहना था कि पहले उन्हें संस्थागत क्वारंटीन सेंटर पंतनगर से रिपोर्ट निगेटिव बताते हुए घर भेज दिया गया।
बाद में फिर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव करार देते हुए उन्हें कंटेनमेंट जोन में होम क्वारंटीन किया गया। वह रिपोर्ट भी गलत थी। अब एक बार फिर रिपोर्ट पॉजिटिव बताते हुए आठ में से एक महिला को आइसोलेट किया जा रहा है। परिवार एक माह से मानसिक यातनाएं झेल रहा है।
चौकी प्रभारी संजीत कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम परिजनों को शांत कराते हुए संक्रमित महिला को अपने साथ रुद्रपुर ले गई। बता दें कि जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए पूर्व विधायक नारायण पाल सीएमओ कार्यालय में धरना दे चुके है।