काशीपुर के रोडवेज डिपों परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारी।
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रुद्रपुर। छह माह का वेतन रोकने से बृहस्पतिवार को रोडवेज कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन परिसर में धरना देकर प्रदेश सरकार और परिवहन मुख्यालय के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक धरना जारी रहने से दो घंटे बसों का संचालन प्रभावित रहा। शुक्रवार को भी कर्मचारी धरना देंगे।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले धरने पर बैठे चालक-परिचालक और लिपिकों ने कहा कि कोरोना वारियर्स की भूमिका निभाने के बावजूद सरकार ने उनसे मुंह फेर लिया है। छह माह का वेतन रोककर उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्मचारियों को उधार लेना पड़ा है जिस कारण वह अपने आत्मसम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से उत्तराखंड रोडवेज के करीब 30 कर्मचारियों का निधन हो चुका है। उन्होंने मृत कार्मिकों के आश्रितों को जल्द 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। वहां शाखा अध्यक्ष दयाशंकर सैनी, शाखा मंत्री विनीत पाठक, चरनजीत सिंह, महेश सिंह, तनवीर अहमद, जनार्दन शर्मा, मनजीत कौर, रमाशंकर वाजपेयी आदि थे।
रोडवेज कर्मियों को छह माह का वेतन नहीं मिला है। सरकार पर उत्तराखंड रोडवेज की करीब सवा अरब की देनदारी है, यह पैसा अगर रोडवेज को मिल जाए तो सभी कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा।
दया शंकर सैनी
रोडवेज कर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। चालक-परिचालकों के पास अपने बच्चों की स्कूल फीस देने और राशन खरीदने के लिए पैसा नहीं है। उधारी में जीवन काट रहे हैं।
रविंद्र यादव
चालक-परिचालक कोरोना महामारी में कोरोना वारियर्स की भांति आपात ड्यूटी कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार हमें वेतन के लिए तरसा रही है। हमारे आत्मसम्मान पर चोट की जा रही है।
अमित सैनी
उत्तराखंड सरकार को रोडवेज कर्मियों की समस्याओं को कोई सरोकार नहीं हैं। वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को भी हम सरकार और परिवहन मुख्यालय के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विनीत पाठक