रुद्रपुर में एनएच कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करते व्यापारी। संवाद
रुद्रपुर। एनएच-87 किनारे ध्वस्त की गईं 130 दुकानों के बाद पुनर्वास की मांग के लिए व्यापारियों ने एनएचएआई कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि जी-20 से पहले सिर्फ व्यापारियों की दुकानें उजाड़ी गईं, जबकि एसएसपी आवास, कोतवाली, बीएसएनएल, नगर निगम आदि परिसर भी हाईवे की जद में आ रहे हैं।
व्यापारी बुधवार को गांधी पार्क के पास एकत्र हुए। उसके बाद विरोध-प्रदर्शन कर जुलूस की शक्ल में अंगद देव कॉम्प्लेक्स में स्थित एनएचएआई कार्यालय के सामने पहुंचे। एनएच के परियोजना निदेशक विकास मित्तल के न मिलने पर व्यापारियों ने कार्यालय के सामने ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि छह घंटे काम न चलने पर ही व्यापारी परेशान हो जाते हैं इन व्यापारियों को उजाड़ने के छह माह बाद भी उनके लिए कॉम्प्लेक्स नहीं बन सका है जबकि जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) लेआउट बना चुका है।
कहा कि जी-20 के बहाने व्यापारियों की दुकानें उजाड़ दीं लेकिन हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रहे सरकारी कार्यालयों को छोड़ दिया गया। जुनेजा ने कहा कि मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक समेत भाजपा नेताओं ने व्यापारियों से झूठे वादे किए। मुख्यमंत्री के आगमन पर उनका घेराव किया जाएगा। वहां पार्षद रमेश कालड़ा, इंद्रजीत सिंह, राजीव जोशी, अमरजीत सिंह, अख्तर अली, ललित मोहन, जसवीर सिंह, जागीर सिंह आदि थे।
अब शुक्रवार को एनएच के पीडी से मिलेंगे व्यापारी
रुद्रपुर। एनएचएआई कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन में परियोजना प्रबंधक मीनू ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। मीनू ने व्यापारियों को बताया कि शुक्रवार तक पीडी कार्यालय पहुंच जाएंगे। अब व्यापारियों ने शुक्रवार को दोबारा एनएच कार्यालय में जाने की योजना बनाई है।