सितारगंज रोडवेज परिसर में सांकेतिक धरना देते पूर्व विधायक नारायण पाल व अन्य लोग।
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सितारगंज। मीना बाजार में प्रशासन की ओर से हटाए जा रहे अतिक्रमण का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व विधायक नारायण पाल ने व्यवसायियों और समर्थकों के साथ रोडवेज परिसर में सांकेतिक धरना दिया। बुधवार को पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि नगर पालिका और रोडवेज बस स्टेशन तालाब की भूमि पर बनाया गया। यहां के दस बड़े कारोबारियों ने तालाब की जगह घेर रखी है। तालाब पर बैठे लोगों ने रजिस्ट्री भी करा ली। चेयरमैन ने जनता की आवाज उठाने का प्रयास किया तो उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम से इसकी जांच की मांग की। वहां पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष करन जंग, शाकिर अली, पूरन चौहान, इस्तियाक अंसारी, विनोद कुमार, बंटी गुप्ता, हरीश जोशी, सुंदर लाल, ललित कुमार, हरीश रस्तोगी आदि थे।
पत्र लीक होने के मामले में सचिव को भेजा पत्र
सितारगंज। पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने एसडीएम दफ्तर से लीक नगर पालिका के पत्र के खिलाफ सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने आयुक्त, शहरी विकास निदेशक और डीएम को भी पत्र जारी कर कहा कि 16 अक्तूबर को एसडीएम ने पालिका को अतिक्रमण हटाने के संबंध में पत्र लिखा था। जिसके जवाब में 20 अक्तूबर को ईओ को पत्र लिखकर कहा गया था कि बोर्ड मीटिंग के बाद पारित प्रस्ताव के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आरोप लगाया कि उक्त पत्र को एसडीएम दफ्तर से व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधि ने जनता में वितरित किया गया। जिसकी व्याख्या गलत बताकर जनता को ईओ खिलाफ भड़काया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। इधर, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि पालिका के भीतर से ही पत्र लिया गया था। चेयरमैन ने कहा था कि न तो पालिका से और न ही उन्होंने अतिक्रमण से संबंधित कोई पत्र जारी किया। इस बात को लेकर अधिकारियों से बहस भी की। उन्होंने जनता को गुमराह किया। पत्र की जिस तरह से व्याख्या की गई है, उसी को जनता के समक्ष रखा है। 26 अक्तूबर को ईओ के हस्ताक्षर से जारी पत्र को एफबी पर डाला गया था। किसी भी तरह पालिका की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।