ऑल इंडिया गुरु सिंह सभा के प्रधान व दिल्ली से पूर्व विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने कहा कि किसानों पर कृषि कानून जबरन थोपे जाना उचित नहीं है। जब किसान स्वयं इन कृषि कानूनों को अपने हित में नहीं मानते हैं तो सरकार को भी हठधर्मिता छोड़ते हुए कृषि कानूनों को वापस ले लेना चाहिए।
पिछले चार दिनों से जिले का भ्रमण कर किसानों की समस्याएं सुन रहे ऑल इंडिया गुरु सिंह सभा के प्रधान मारवाह ने रविवार को रुद्रपुर में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि देश में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर का दिया गया नारा जय जवान, जय किसान अब दम तोड़ने लगा है। पूर्व प्रधानमंत्री ने किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए यह नारा दिया था लेकिन आज किसानों को अपनी जायज मांगों के लिए करीब आठ माह से गाजीपुर बॉर्डर समेत विभिन्न स्थानों पर धरना देना पड़ रहा है। मारवाह ने कहा कि वह पिछले चार दिनों से जिले में घूम-घूमकर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं।
किसान सरकार से बेहद नाराज हैं। किसानों को उनकी खेती की लागत का मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है। मारवाह ने कहा कि किसान आंदोलन सच्चे अर्थों में जनता का आंदोलन है। आज जनता महंगाई से परेशान है। यदि तीनों कृषि कानून लागू हो गए तो देश में भुखमरी फैल सकती है। खेती पर भी उद्योगपतियों का कब्जा हो जाएगा। वहां भारतीय सिख संगठन के राष्ट्रीय सचिव वीर सिंह, संतोख सिंह रंधावा, सलविंदर सिंह थे।