यूपी और उत्तराखंड के डेढ़ दर्जन से अधिक शहरों को सब्जियां आपूर्ति करने वाले उत्पादक सही दाम नहीं मिलने से निराश हैं। उत्पादकों से कम दामों में सब्जियां खरीदकर महंगे दामों में बेचकर बिचौलिए मालामाल हो रहे हैं। सरकार की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराने से उत्पादक मजबूरी में बिचौलिए को सब्जी बेचने को मजबूर हैं।
पतरामपुर क्षेत्र प्रदेश के बड़े सब्जी उत्पादकों में गिना जाता है। भोगपुर डैम के अडूब क्षेत्र और आसपास के क्षेत्र में करीब तीन सौ एकड़ क्षेत्र में सब्जियां उगाई जाती हैं। मुख्य रुप से लौकी, खीरा, करेला, तुरई, मटर फली, ग्वार की फली, टिंडा आदि उगाई जाती हैं।
उत्पादक इनकी सप्लाई रामनगर, काशीपुर, रुद्रपुर, ठाकुरद्वारा, धामपुर अफजलगढ़ सहित कई शहरों में करते हैं। अधिकांश सब्जी बिचौलिये शहर या पतरामपुर में ही खरीद लेते हैं। सब्जी भंडारण की सुविधा नहीं होने के कारण उत्पादकों को सब्जी सस्ते दामों पर बेचनी पड़ती है।
भोगपुर निवासी दलजीत सिंह कहते हैं कि सरकार उत्पादकों को सस्ती दरों पर बीज, खाद, कीटनाशक उपलब्ध कराए और सब्सिडी दे। सब्जी भंडारण के लिये गोदाम बनाए जाएं। सुखदेव सिंह ने कहा कि डैम क्षेत्र में सब्जी लाने की सुविधा नहीं है। रास्ते कच्चे हैं, जिस कारण सब्जी को शहर तक ले जाने में परेशानी होती है।
हरदीप सिंह ने कहा कि सरकार सब्जी उत्पादकों को बैंकों से सस्ते ब्याज की दर पर लोन उपलब्ध कराए, ताकि उत्पादक आर्थिक तंगी से उबर सकें। मंजीत सिंह कहते हैं कि उत्पादकों को सब्जी उगाने की नयी तकनीक का प्रशिक्षण देने की जरूरत है। सोमनाथ ने कहा कि सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार संसाधन उपलब्ध कराये, ताकि वह अपनी सब्जी को बड़े शहरों में बेचकर तंगहाली से उबर सकें।