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गर्भवती को निजी अस्पताल में किया रेफर, हो गया हंगामा

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काशीपुर। सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए लाई गई एक महिला को डॉक्टर ने निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जिस पर उसके परिजनों और रिश्तेदार भड़क गए। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम का लोगों ने घेराव किया। इस पर उन्होंने अस्पताल के प्रभारी सीएमएस को जांच के आदेश दिए हैं।
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गिरीताल कॉलोनी निवासी एक महिला को रविवार सुबह प्रसव के लिए एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में लाया गया था। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने छह घंटे तक महिला का इलाज नहीं किया और भर्ती भी नहीं किया। शाम को महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे मुरादाबाद रोड स्थित अपने परिचित के अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। महिला को रेफर करने की सूचना अस्पताल की एक आशा वर्कर को मिली तो उसने महिला को डॉक्टर द्वारा बताए गए अस्पताल की जगह दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इस बात को लेकर महिला डॉक्टर और आशा वर्कर के बीच कहासुनी भी हो गई। गर्भवती को भर्ती कराने में कमीशनखोरी का मामला उजागर होने पर महिला के परिजनों और उसके परिचितों ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। सूचना पर एसडीएम गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने एसडीएम का घेराव कर अस्पताल में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की।
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एसडीएम ने प्रभारी सीएमएस डॉ. कैमाश राणा को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। डा. राणा ने बताया कि अस्पताल के रिकार्ड में गर्भवती के भर्ती होने का कोई विवरण दर्ज नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ का स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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