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रिपोर्ट पेश करते ही भड़क उठे प्रधान और बीडीसी सदस्य

Thu, 03 Aug 2017 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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हंगामा करते जनप्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड की दस 10 ग्रामसभाओं के विकास कार्यों की रिपोर्ट पेश करते ही ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य भड़क उठे। उन्होंने जनसुनवाई कार्यक्रम में हंगामा करते हुए ऑडिट टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। कहा कि विरोधियों से बातचीत कर रिपोर्ट बनाई गई है। सीडीओ और डीडीओ ने जनप्रतिनिधियों को किसी तरह शांत किया। उन्होंने स्वतंत्र इकाई के नेतृत्व में जांच कराने का आश्वासन दिया।
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बता दें कि सोशल आडिट टीम ने खटीमा विकासखंड की ग्राम सभा सरपुड़ा बग्घा, उमरूखुर्द दियां, गांगी, भूड़ महोलिया, चांदा, बंडिया, फुलैया, सबौरा, अमाऊं में सर्वे किया था, जिनमें ग्राम पंचायत गांगी समेत कई गांवों में लाखों का बजट ठिकाने लगाने का बड़ा खुलासा किया था। बुधवार को विकासखंड सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में टीम ने रिपोर्ट प्रस्तुत की तो संबंधित ग्राम सभाओं के जनप्रतिनिधि विरोध में उतर आए। उन्होंने अफसरों के समक्ष जमकर हंगामा काटा। 

दियां में वन विभाग के कार्य को मनरेगा का दिखाकर 2.57 लाख का भुगतान करने के मामले को बीडीसी नवीन कन्याल और ग्राम प्रधान ओमप्रकाश ने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि वन विभाग द्वारा दी गई एनओसी सरासर गलत है। वन विभाग को सीमा का सही पता नहीं है। आरोप लगाया कि ग्रामसभा में उनके विरोधियों से जानकारी ली गई है। गांगी ग्रामसभा निवासी करनैल सिंह ने खड़ंजा निर्माण को सही बताया। यहां पुराने तालाब को नया दिखाने और तालाब निर्माण के नाम पर बजट को ठिकाने लगाने के मामले को जनप्रतिनिधियों ने गलत बताते हुए सोशल आडिट टीम की रिपोर्ट का विरोध किया। 
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- सोशल ऑडिट टीम के सर्वे के विरोध में हुए एकजुट
- सीडीओ ने दोबारा जांच का दिया आश्वासन, 15 दिन में आएगी रिपोर्ट

जनप्रतिनिधियों के लगातार विरोध के बाद सीडीओ आलोक कुमार पांडे और डीडीओ अजय सिंह ने स्वतंत्र इकाई के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की टीम के साथ जांच कराने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि 15 दिन में रिपोर्ट हासिल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में मध्याहन भोजन समेत अन्य मामलों की सुनवाई खंड शिक्षा अधिकारी सूर्य मेहरा ने की।
सीडीओ पांडे ने कहा कि सोशल आडिट टीम की रिपोर्ट से ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्य संपन्न कराने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख दान सिंह राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मोहनी पोखरिया, पूजा दत्ता, पूनम राणा, बैजंती राणा, देवेंद्र राणा, शोभनाथ मौर्य, मुन्नालाल गौतम, गुड्डू, मानसिंह सामंत आदि सम्मलित थे। 

मजदूरों के साथ हुआ खिलवाड़
सोशल आडिट टीम के यूनिट प्रतिनिधि मनोरंजन वर्मा ने बताया कि 10 ग्राम सभाओं का आडिट कर वास्तविक रिपोर्ट अधिकारियों के समक्ष रख दी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कार्यों में मजदूरों के साथ खिलवाड़ हुआ है। मस्टररोल तैयार कर उनकी हाजिरी नहीं लगाना मजदूर के साथ धोखा है। ऐसे में मजदूर को बीमा कैसे मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 10 में से एक सबौरा ग्रामसभा की रिपोर्ट सही है। ग्रामसभाओं की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

आडिट टीम की रिपोर्ट में ग्रामसभा सबौरा की सराहना
विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतों की सोशल आडिट रिपोर्ट में ग्राम पंचायत सबौरा की सराहना हुई। डीडीओ अजय सिंह ने ग्रामप्रधान पूर्व सैनिक महेंद्र चंद के कार्यों को फौजी कट में बताते हुए अन्य प्रधानों से सीख लेने को कहा। सबौरा में संपन्न विकास कार्यों को शत-प्रतिशत सही बताते हुए टीम ने 10 ग्राम सभाओं में सबौरा के बेहतर कार्य बताए। बीडीओ एचसी जोशी ने बताया कि 666 के विपरीत 780 पौधे रोपे हैं। शौचालय ओडीएफ 300 के विपरीत 310, खड़ंजा निर्माण, तालाब निर्माण की पुरानी गंदगी का सफाया करते हुए उसमें मत्स्य पालन ग्रामसभा की आय बढ़ाई। बीडीओ ने ग्राम प्रधान चंद से विकास कार्यों से प्रेरणा लेने को कहा।

डीएम को भेजा ज्ञापन
ग्रामसभा बरी अंजनियां के तीन ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर आशंका व्यक्त की है कि उन्हें फर्जी मामले में न फंसा दिया जाए। ग्रामसभा बरी अंजनियां के गांव टेड़ाघाट निवासी हयात सिंह बिष्ट, ज्ञान स्वरूप एवं मोहन ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि उन्होंने ग्रामसभा में विकास के नाम पर किए गए गोलमाल का पर्दाफाश कराया है। शौचालय निर्माण में अनियमितताओं की जांच के बाद पुष्टि हो चुकी है। इसी वजह से जनप्रतिनिधि उन्हें धमकी दे रहे हैं।
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