सितारगंज। स्थानीय उप जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर होती जा रही हैं। इसी क्रम में अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक एवं गला) सर्जन और पैथोलॉजी विशेषज्ञ की नियुक्ति होने से अब क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ उपचार और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। लंबे समय से इन दोनों विशेषज्ञों की कमी महसूस की जा रही थी जिसके चलते मरीजों को रुद्रपुर, हल्द्वानी के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
ईएनटी सर्जन की तैनाती से अब कान, नाक और गले से संबंधित बीमारियों, संक्रमण, टॉन्सिल, साइनस, सुनने की समस्या एवं अन्य जटिल रोगों का विशेषज्ञ उपचार सितारगंज में ही संभव होगा। इससे मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी व गंभीर रोगों का समय पर उपचार मिल सकेगा।
पैथोलॉजी विशेषज्ञ की नियुक्ति से अस्पताल की जांच सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि अस्पताल में ईएनटी सर्जन डॉ. कल्पना जोशी और पैथोलॉजी डॉ. आरुषि बंसल की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार हुआ है। इससे मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, सटीक जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। संवाद
-कोट
लंबे समय से लोग अस्पताल में ईएनटी सर्जन और पैथोलॉजी विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग कर रहे थे जिसे शासन स्तर पर लगातार प्रयास से पूरा करा दिया है। इन दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से अब स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को कान, नाक एवं गला संबंधी रोगों के उपचार के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। - सौरभ बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री
मरीजों की संख्या बढ़ी तो फिजिशियन कक्ष में तीन डॉक्टर किए तैनात
रुद्रपुर। बढ़ती गर्मी के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने फिजिशियन कक्ष में तीन डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी है।
मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित फिजिशियन कक्ष में हर दिन 400 से 450 लोगों की ओपीडी हो रही है। अस्पताल में फिजिशियन के दोनों पद वर्तमान में रिक्त हैं। अस्पताल के इकलौते फिजिशियन डॉ. एमके तिवारी की पदोन्नति बीते माह जिला अस्पताल के पीएमएस के पद पर होने से ओपीडी में दिक्कत आ गई थी। फिजिशियन की कमी से आई दिक्कत को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर हर्षित माथुर, डॉ. मोहम्मद मुजम्मिल, डॉ. अर्जुन मलिक की ड्यूटी फिजिशियन कक्ष में लगाई है।
शनिवार को भी फिजिशियन कक्ष में मरीजों की भारी भीड़ थी। दोपहर 12:50 बजे तक 301 लोगों की ओपीडी हो चुकी थी। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. ऊषा रावत ने बताया कि पीएमएस भी अपने कक्ष में मरीजों को देख रहे हैं।