मोहल्ला अल्ली खां निवासी बैटरी व्यवसायी मो. नईम की मौत का राज अब उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही खुल सकेगा। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट के आदेश पर कब्र से शव बाहर निकाला और तहसीलदार ने पंचनामा भरा। शव की स्थिति क्षतविक्षत होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा गया है।
जनपद मुरादाबाद थाना ठाकुरद्वारा के मोहल्ला छिपीयान निवासी मुजीब अहमद के पुत्र नईम का निकाह 12 वर्ष पूर्व जसपुर के मोहल्ला डेहरिया निवासी खलील अहमद की पुत्री मेहताब से हुआ था। उसकी तीन पुत्रियां है। नईम बैटरी और इंवर्टर का काम करता था। सात वर्ष पूर्व उसने मोहल्ला अल्ली खां में मकान बनाया था।
22 दिसंबर 2018 की शाम वह अपने भाइयों व पिता से मिलकर ठाकुरद्वारा से लौटा था। रात करीब 10:30 बजे उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के पिता मुजीब व भाइयों फईम व मुकीम का कहना है कि उसी रात करीब डेढ़ बजे उन्हें नईम की मौत की जानकारी दूसरे लोगों से मिली।
इस पर मृतक के परिजन ठाकुरद्वारा से काशीपुर पहुंचे। जानकारी पर नईम की पत्नी मेहताब ने बताया कि खांसी की दवा लेने के बाद उसके पति की हालत बिगड़ गई। उसे मोहल्ले में ही एक डॉक्टर को दिखाया गया। बाद में उसे एक अन्य निजी क्लीनिक में दिखाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में मृतक के पिता मुजीब ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपनी पुत्रवधू पर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया था। इस पर एसीजेएम ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। विवेचना अधिकारी ने पोस्टमार्टम के लिए कब्र से शव निकालने की अनुमति के लिए धारा 174 सीआरपीसी के तहत आवेदन किया। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने कब्र से शव निकालने की अनुमति प्रदान कर दी।
शनिवार को परिजनों और कब्रिस्तान कमेटी के पदाधिकारियों की मौजूदगी में कब्र खोलकर नईम का शव बाहर निकाला गया। तहसीलदार विपिन चंद्र पंत ने शव का पंचनामा भरा। इस दौरान कब्रिस्तान में पुलिस कर्मियों के अलावा आसपास के लोग मौजूद रहे। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी लाया गया। शव की स्थिति को देखते हुए राजकीय चिकित्सालय के दो चिकित्सकों डॉ. अमरजीत साहनी और डॉ. कैमाश राणा के पैनल ने पोस्टमार्टम हल्द्वानी स्थित एसटीएच से कराने की सलाह दी। इसके बाद मृतक का शव हल्द्वानी भेजा गया।
नईम के कपड़ों की पोटली बनी शक की वजह
काशीपुर। नईम के पिता ने अपने बेटे की मौत के लिए मृतक की पत्नी को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के पिता मुजीब का कहना है कि नईम की पत्नी का अपने ससुरालियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं था। वह अपने पति को भी उनसे मिलने से रोकती थी। उसकी मौत की सूचना पर जब वो काशीपुर पहुंचे तो नईम के मुंह से झाग निकल रहा था।
उन्होंने अपने बेटे का जनाजा ठाकुरद्वारा ले जाने की बात कही, तो पुत्रवधू ने उन्हें नहीं ले जाने दिया। उसका जनाजा दफन होने के बाद छोटे बेटे मुकीम ने ढेला नदी के किनारे पोटली बनाकर फेंके गए मृतक के कपड़ों की तलाश की। नदी के किनारे उसे कपड़ों की पोटली मिल गई। खोलकर देखने पर उसमें उल्टी से सने रूई के टुकड़े मिले, जो काले और नीले पड़ चुके थे। दिखाने पर चिकित्सकों ने बताया कि जहर खाए व्यक्ति के मुंह से झाग साफ करने के लिए रुई के इन टुकड़ों का प्रयोग किया गया है।
उधर, नईम के भाई फईम ने बताया कि नईम के नाम एक बीमा पॉलिसी है, जिसमें उसकी भाभी मेहताब नॉमिनी है। संभवत: बीमा पॉलिसी की रकम हड़पने के लिए ही उसके भाई की हत्या की गई है।