रुद्रपुर। अब कामकाजी महिलाओं को एक सुरक्षित आसरा देने की कवायद शुरू कर दी गई है। रुद्रपुर में कुमाऊं का पहला कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनेगा। इसमें सिडकुल में काम करने वाली महिला सहित युवतियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अब महिलाओं को कम दाम पर आसरा आवंटित किया जाना है।
रुद्रपुर औद्योगिक नगरी है। यहां सिडकुल में सवा चार सौ से अधिक कंपनियां है। इसके अलावा कई और छोटे बड़े उद्योग संचालित हैं। इनमें उत्तराखंड सहित विभिन्न प्रदेशों की बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां काम करती हैं। इन कामकाजी महिलाओं को एक सुरक्षित और कम धनराशि पर ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन फुलसुंगा में हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यहां जमीन का चिन्हांकन कर प्रशासन ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भी भेज दिया है। यहां 300 से अधिक बेड का हॉस्टल निर्माण करने की योजना है।
इसके लिए बकायदा महिला सशक्तीकरण और बाल विकास विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। शासन से अनुमति मिलते ही धनराशि स्वीकृति होते ही कुमाऊं के पहले हॉस्टल का निर्माण रुद्रपुर में शुरू होगा। यह योजना परवान चढ़ी तो यह कुमाऊं मंडल का पहला कामकाजी महिलाओं के लिए कम धनराशि पर सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने की योजना होगी।
कम किराये पर होंगे उपलब्ध
दूरदराज की महिलाएं बड़ी संख्या में यहां फैक्टिरी में काम कर रही हैं। इंडस्टि्रयल एरिया होने के चलते शहर में काफी महंगे कमरे किराये पर मिलते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से जिले में कामकाजी महिलाओं को किफायती दरों पर विभाग कमरे उपलब्ध कराएगा। इससे एक तो महिलाएं भयमुक्त होकर काम कर सकेंगी, वहीं उनकी आर्थिक बचत भी होगी।
औद्योगिक नगरी में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित निवास के लिए हॉस्टल बनाने की योजना है। इसके लिए फुलसुंगा में जमीन देखी गई है। यहां 300 से अधिक बेड के हॉस्टल का निर्माण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। रियायती दरों पर कामकाजी महिलाओं को कमरे का आवंटन किया जाएगा। -मुकुल चौधरी, डीपीओ।