काशीपुर। आज हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अपनी आय से न सिर्फ परिवार को संबल दे रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाकर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही हैं। काशीपुर की रूपम सिंह ने मछली पालन से न सिर्फ खुद मुनाफा कमाया बल्कि दस महिलाओं को रोजगार भी मुहैया करवाया।
रूपांजलि स्वयं सहायता समूह की संचालक रूपम सिंह हैं। उन्होंने बताया कि समूह से दस महिलाएं जुड़ी हैं। उन्होंने मत्स्य विज्ञान की पढ़ाई की है। उन्हें मछलियों से संबंधित काफी जानकारी है। इसी के चलते उन्होंने मछली पालन को अपनी आय का जरिया बनाने की ठानी। इसके बाद ढाई एकड़ का तालाब लीज पर लेकर मछली पालन शुरू किया। दस महिलाओं को रोजगार भी दिया। दवा डालना, देखरेख करना और सफाई आदि कार्य महिलाएं करती थीं। उन्होंने बताया कि 2023 से 2024 तक मछली पालन किया। इस दौरान सभी महिलाओं को दस हजार रुपये महीने के हिसाब से सैलरी भी दी।
साथ ही करीब साढ़े तीन लाख रुपये सालाना मुनाफा भी कमाया। उन्होंने कहा कि इस समय मछली पालन के लिए तालाब लीज पर महंगे मिल रहे हैं। 80 हजार रुपये एकड़ तक डिमांड कर रहे हैं। ऐसे में काम बंद है। हालांकि जल्द ही तालाब लीज पर लेकर मछली पालन का काम दोबारा शुरू किया जाएगा। इस कार्य को बड़े स्तर पर करने से अधिक मुनाफा होगा जिससे दूसरी महिलाओं की भी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।