प्रसिद्ध लेखक और मोटीवेटर शिव खेड़ा ने कहा कि नकारात्मकता तरक्की में बाधक है। फर्क सिर्फ सोच का है। नकारात्मक दृष्टिकोण जहां इंसान को हताश और निराश बना देता है वहीं सकारात्मक दृष्टिकोण से आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही तरक्की की राह भी आसान हो जाती है। जीवन में एक बात को गांठ बांध लेें कि सकारात्मक सोच से ही समस्या का समाधान खोजा जा सकता है।
शुक्रवार को अमर उजाला, स्टेप्स मैनेंजमेंट, एनआईएमटी, कृष्ण मुरारी इंफ्राटेक प्रालि ने काशीपुर रोड स्थित सोबती कांटीनेंटल में नेतृत्व विकास और प्रबंधन के गुर विकसित करने के लिए सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार के प्रायोजक एनआईएमटी डिस्टेंस एजूकेशन, श्रीराम आई केयर एंड नर्सिंग होम, एमईपीएल, फ्लोवा, एडवांटेज आउटडोर, अरोरा स्टेशनर्स और ओसिस सिटी रहे। सेमीनार में शिव खेड़ा ने कहा कि कम समय में अधिक पाने के लालच ने लोगों को कुंठित कर दिया है। लोग काम कम और दाम व पद अधिक पाना चाहते हैं।
उदाहरण देते हुए खेड़ा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति शुरूआत में कुछ समय लगन व मेहनत से काम करने के बजाय जल्द से जल्द मोटी तनख्वाह व ऊंचा पद पाना चाहता है। जबकि उसके पास ज्ञान के अभाव के साथ ही आत्म विश्वास व अनुभव की भी कमी होती है। ऐसे में यदि गलती से भी वह सीधा ऊंचा पद हासिल कर भी ले तो भी कुछ ही दिनों में वह अपने पद का दायित्व निभा पाने में असमर्थ पाने लगता है। ऐसे में वह व्यक्ति निराशावाद का शिकार हो जाता है। शिव खेड़ा के विचारों को सुनने दूरदराज से तमाम लोग पहुंचे।
वहां स्टेप्स के सीईओ अरुण शर्मा, निदेशक योगेश गुप्ता, कृष्णा मुरारी के एमडी संजीव शर्मा, निदेशक ऋचा शर्मा, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन हल्द्वानी प्रवींद्र रौतेला, दीपक बल्यूटिया, गीतिका बल्यूटिया, अनिल जोशी, समिति टिक्कू, सेंट लारेंस निदेशक सुनील जोशी, बीएलएम एकेडमी की प्रधानाचार्य रजनी कांता बिष्ट, जेआईई स्कूल एमडी अवनीत कौर, प्रियंका, सुनाक्षी, सुखरीत, आलोक सिंह, संजय सिंघल, आंनद परिहार, चितवन बोरा, चरणपाल, संजय दानी, सचिन वर्मा, शिशिर मिश्रा, विकास वत्स, डॉ अशोक गर्ग, अनीता सिंह, पंकज बठला आदि मौजूद थे।