जिला अस्पताल में नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज एलर्जिक कंजक्टीवाइटिस से ग्रसित करीब 12 से 15 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों की आंखों में खुजली के साथ लालपन हो रहा है। डाक्टरों के अनुसार इन दिनों फैक्टरियों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं के कण वातावरण में फैल रहे हैं। सड़कों पर उड़ने वाली धूल से भी प्रदूषण हो रहा है। इस वजह से लोगों की आंखों में एलर्जिक कंजक्टीवाइटिस बढ़ रहा है।
लक्षण
-आंखें लाल होना।
-आंखों में खुजली होना।
-आंखों में दर्द होना।
-आंखों से पानी आना।
-आंखों से धुंधला दिखना।
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:बचाव:
-आंखाें पर बड़ा चश्मा पहनें। जिससे आंखें ढकी रहें।
-ठंडे पानी से आंख की धुलाई करें।
-आंख में खुजली या लालपन होने पर बाहर हवा में कम से कम निकलें।
-बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई या आईड्रॉप न लें।
-: विशेषज्ञ की सलाह:-
आंख शरीर में सबसे नाजुक अंग है। इसके प्रति लापरवाही न करें। अमूमन लोग आंख लाल होने या फिर खुजली होने पर मेडिकल स्टोर से डेक्सा मेथासोन आईड्रॉप लेकर डालते हैं। इस आई ड्रॉप से आंख का प्रेशर बढ़ जाता है। आंख में घाव या खुजली है तो इस आईड्रॉप के डालने पर उसके बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए डेक्सा मेथासोन आई ड्रॉप बिना चिकित्सीय परामर्श के कतई न डालें। एंटी एलर्जिक आई ड्रॉप या लुब्रीकेटिंग आई ड्रॉप डाल सकते हैं। संवाद
जिला अस्पताल में नेत्र रोगियों की ओपीडी में इन दिनों एलर्जिक कंजक्टीवाइटिस रोग से ग्रसित तकरीबन 12 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। ये रोग हवा में प्रदूषण की वजह से होता है। आंखों काे इससे बचाने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। जरा सी लापरवाही से आंख के रेटिना पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
-डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, नेत्र सर्जन जिला अस्पतालI