रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2027-28 में 100 एमबीबीएस सीटों के संचालन को मंजूरी मिलते ही सत्ता पक्ष में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम धामी और स्वास्थ्य मंत्री से लगातार इस मुद्दे पर बात की थी। वहीं, किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने सीधे निशाना न साधते हुए इसे इशारों-इशारों में अपनी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू कराने के लिए कई प्रयास किए। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर सीएम तक से वार्ता की थी।
जो संकल्प लिया था, वह अब साकार हो गया : अरोरा
मैं ये नहीं कह रहा मैंने ही प्रयास किए, हम सबने इसको समझा : शुक्ला
बुधवार को प्रेसवार्ता कर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि ये ठीक है कि रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की शुरुआत कांग्रेस के समय हुई लेकिन ये भी सच है कि 20 वर्षों तक मेडिकल कॉलेज बनाने का काम बजट के अभाव में नहीं हो सका। जब मैं किच्छा का विधायक बना तो मैंने सोचा रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज है तो इसे समय पर बनना चाहिए। तब केंद्र के स्वास्थ्य मंत्री को यहां लाकर भारत सरकार से 345 करोड़ रुपये जारी करवाए। बाद में सीएम धामी ने 656 करोड़ रुपये मंजूर करवाए, तब निर्माण कार्य शुरू हो सका। जब मान्यता नहीं मिली तो हम सबने प्रयास शुरू किए। सीएम खुद लगातार इसे पूरा कराने के लगे रहे। मुझे आशंका थी कि सीटें कम हो सकती हैं, इसके लिए मैंने सीएम ने फोन पर बात की। अब 100 सीटों की मान्यता मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा मैंने ही प्रयास किया, हम सबने इसको समझा तब जाकर ये काम पूरा हुआ है।
मेयर बोले, मैंने भी किया समय-समय पर कॉलेज का भ्रमण
रुद्रपुर में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ शैक्षणिक सत्र 2027-28 से संचालन का मार्ग प्रशस्त होना उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि है। लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है। इसके लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व सीएम पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार। - अजय भट्ट, सांसद