काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की भूमि अधिग्रहीत करना किसानों के हित में नहीं है। कहा कि विश्वविद्यालय में खेती का रकबा कम होने से शोध कार्य अवरुद्ध होंगे। विधायक चीमा ने नेपा स्थित सिडकुल की 800 एकड़ भूमि पर उत्तराखंड हाईकोर्ट बनाने का सुझाव भी दिया।
विधायक चीमा ने शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में पंतनगर विवि का नाम देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शुमार है। इस विवि ने निरंतर नई प्रजातियों की खोज कर खेती के नए आयामों को दिशा दी है। हाईब्रिड बीजों के उत्पादन में खाद्यान्न की पैदावार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के लिए दूसरे स्थान का चयन किया जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि 55 हजार क्विंटल सरकारी धान खरीद को पोर्टल पर चढ़वाने और भुगतान की मांग को लेकर उनकी कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से वार्ता हो चुकी है। उन्होंने सीएम के समक्ष मामले को रखने का आश्वासन दिया है। जल्द ही किसानों के धान का भुगतान हो जाएगा।
5वीं बार भी मैदान में उतरने को तैयार हैं चीमा
काशीपुर। विधायक हरभजन सिंह चीमा ने 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। उम्र का हवाला दिए जाने पर उनका कहना था कि जब 90 साल के किसान अपने हक के लिए दिल्ली के बार्डर पर डेरा जमाए हैं तो 70 की उम्र में वह चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते। विधायक ने कहा कि अब तक वह चार बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने न तो कभी टिकट के लिए दावेदारी की और न ही कभी संगठन के स्तर से उनका नाम दावेदारों की सूची में भेजा गया। हर बार हाईकमान के निर्देश पर ही उन्होंने चुनाव लड़ा है।
इस बार भी हाईकमान का आदेश हुआ तो वह पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेंगे। चीमा ने कृषि कानूनों में खामियां होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि अगर कानूनों में कुछ गड़बड़ियां न होतीं तो लाखों की संख्या में किसान क्यों बार्डर पर पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। वह जरूर किसानों की शंकाओं का यथोचित समाधान जल्द खोज लेंगे।