रुद्रपुर। क्षेत्र की फैक्टरियों से निकल रहा केमिकल युक्त अपशिष्ट पर रोक नहीं लग सका है। बिना ट्रीटमेंट के नालों के जरिए खेतों तक यह पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि कई उद्योग इकाइयां नियमों की अनदेखी कर नालों में जहरीला पानी छोड़ रहे हैं जिससे जमीन की उर्वरता पर असर पड़ रहा है।
तीन पानी डैम निवासी किसान अभिजीत तिवारी ने बताया कि इस संबंध में कई बार सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की गई लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आसपास बहने वाले नालों का पानी बदबूदार और रंग बदल चुका है जिससे पशुओं और इंसानों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
किसान राज कुमार का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी तो खेती करना मुश्किल होगा। फिलहाल स्थिति यह है की पानी इतना गंदा हैं कि सिंचाई करने पर फसल बर्बाद होने का खतरा है।
उधर, ईएसआई अस्पताल के पीछे और अटरिया मंदिर के पास से होकर गुजर रही नदी में भी फैक्टरियों का पानी छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि टीम गठित कर इकाइयों का निरीक्षण कराया जा रहा है जिन फैक्टरियों में बिना ट्रीटमेंट के अपशिष्ट छोड़े जाने की पुष्टि होगी उन पर कार्रवाई होगी। साथ ही कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली की भी जांच की जा रही है।