चैती मेला में उत्तराखंड सरकार उद्योग विभाग की हथकरघा और हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योग की प्रदर्शनी लगी है। इसमें पिथौरागढ़ की बनी नमकीन और मोटाहल्दू (हल्द्वानी) के बुरांश के जूस को लेकर लोगों में दीवानगी है।
मौसम के बिगड़ते मिजाज के बाद भी मेले में भीड़ रही। मेले में घरेलू कुटीर उद्योग से तैयार पिथौरागढ़ की कुमाऊं नमकीन और मोटाहल्दू के उत्पादों की काफी मांग है। कुमाऊं नमकीन उद्योग चलाने वाली देवकी देवी ने महज 17 सौ की लागत से घर में ही मडुवा की नमकीन बनाने का काम शुरू किया था। फिर पर्वतीय दालों की नमकीन बनानी शुरु की। नमकीन की गुणवत्ता के लिए अब तक राष्ट्रीय और प्रदेश सरकार के अलावा कई पुरस्कार मिल चुके हैं। कुमाऊं हिल्स मोटाहल्दू ने घर पर ही बुरांश के फूलों का जूस बनाना शुरू किया। काम बढ़ने पर बेल, आंवला, नीबू का जूस, आचार, मुरब्बा बनाना शुरु किया। लेकिन बुरांश के जूस को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।