तितली तूफान से क्षतिग्रस्त हुई बौर और हरिपुरा जलाशय की साझा दीवार की अस्थायी मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जलाशय को फिलहाल किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
बौर और हरिपुरा जलाशय के मध्य बने कटबंद (कॉमन फ्लैंक) पर शनिवार को सिंचाई विभाग ने अस्थाई व्यवस्था कर सुरक्षा के प्रबंध में जुटे थे।
सहायक अभियंता विशाल प्रसाद के अनुसार बृहस्पतिवार को तितली तूफान से उठी लहरों से कॉमन फ्लैंक की पिचिंग क्षतिग्रस्त हो गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। उन्होंने जलाशय को खतरे की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दोनों जलाशयों में मौजूदा समय में 790.5 फुट जलस्तर है, जो जलाशय की क्षमता से अभी भी पांच फुट कम है।
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जो पिचिंग क्षतिग्रस्त हुई है वह दोनों जलाशयों के बीच की दीवार का हिस्सा भर है। इसको दुरुस्त कराया जा रहा है। उनके साथ कनिष्क अभियंता प्रेम गंगोला भी मौजूद थे। ब्यूरो
जलाशय से नुकसान को बताया अफवाह
गूलरभोज। सहायक अभियंता विशाल प्रसाद ने कहा कि जलाशय की दीवार बहुत मजबूत है। तूफान से विभाग को करीब 70 लाख की हानि हुई है। खतरे वाली कोई बात नहीं हैं अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।