गुलज़ारपुर में चौथे दिन खनन के विरोध में बैठे लाग
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काशीपुर। कोसी नदी से अवैध खनन के विरोध में धरना बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने स्टोन क्रशरों की जांच कराए जाने की मांग की है। वहीं उपनिदेशक (खनन) का कहना है कि शिकायत मिलने पर कोसी नदी से खनन पर रोक लगा दी गई है।
कोसी नदी में गुलज़ारपुर, महतावन, ढकिया आदि क्षेत्रों में जेसीबी मशीने, ट्रैक्टर ट्राली व डंपर आदि के माध्यम से बेतरतीब खनन किये जाने की शिकायते विभाग को मिल रही थी। इससे कई गांवो के वजूद को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके विरोध में पिछले चार दिन से धरना चल रहा है, लेकिन अभी तक राजस्व, वन अथवा खनन विभाग के अधिकारी मौके पर नही पहुंचे है। धरने पर बैठे सपा अनुसूचित जाति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गविंद्र सिंह गवि ने कहा कि खनन माफियाओ द्वारा पट्टों की आड़ में आरक्षित वन क्षेत्र से खनन कर वन संपदा को भारी नुकसान पंहुचाया जा रहा है। करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में माफियाओं द्वारा अनाधिकृत खनन किया जा रहा है। उन्होंने स्टोन क्रेशरों की जांच कराए जाने की मांग की है। बताया कि धरने में सोशल डिस्टेंडिंग का खास ध्यान रखा जा रहा है।
धरने पर बैठने वालों में रामवीर सिंह, जयवीर, सचिन कुमार, रामकिशोर, उमेद सिंह, राकेश, आनंदी, क्रांति, गौरव व विपिन कुमार है।
उधर, उपनिदेशक (खनन) डॉ अमित गौरव ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्र से उपखनिज का दोहन किए जाने की शिकायत मिली थी। इसके अलावा पट्टाधारकों ने भी अधिक मात्रा में खनन होने की शिकायत की है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उनके द्वारा मंगलवार शाम से खनन पूर्णतः बंद करा दिया गया है। वहीं धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने उपनिदेशक के इस दावे को गलत बताया। उनका कहना है कि कोसी से खनन बदस्तूर जारी है। रेत से लदी टैक्ट्रर ट्राली व डंपर बुधवार को भी खुलेआम गुजर रहे है।