जसपुर। मसलकी विवाद के चलते इज्तिमा की अनुमति को प्रशासन ने निरस्त कर दिया। एसडीएम ने निरस्तीकरण का आदेश जारी कर पुलिस प्रशासन को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इज्तिमा की अनुमति रद्द होने से देवबंदी मसलक के लोगों में आक्रोश है। सुन्नी (बरेलवी) मसलक के लोगों ने आयोजन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी।
तबलीगी जमात से ताल्लुक रखने वाले लोग मोहल्ला नईबस्ती स्थित नहर पार में 13 और 14 दिसंबर को अंतरराज्यीय इज्तिमा कराना चाहते हैं। उन्होंने नवंबर माह में प्रशासन से इसकी अनुमति ली थी। इसी अनुमति की सूचना पर बीते दिन बरेलवी मसलक के लोग उलेमा की मौजूदगी में एसडीएम से मिले थे। उन्होंने एसडीएम अभय प्रताप सिंह को बताया था कि देवबंदी मसलक के लोगों ने पहले भी यहां कई बार इज्तिमा करने का असफल प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी थी।
उनका यह क्षेत्र अहले सुन्नत वल जमात (बरेलवी) मसलक के अनुयायी बहुल क्षेत्र है। इस वजह से वह देवबंदी मसलक के किसी भी नई परंपरा को यहां नहीं होने देंगे। उन्होंने एसडीएम के समक्ष पुराने कई दस्तावेज प्रस्तुत कर इज्तिमा की अनुमति नहीं देने और भविष्य में इस तरह के आयोजन पर पूर्ण पाबंदी की मांग की थी। उनकी मांग पर एसडीएम ने पुलिस और एलआयू से मामले की जांच कराई थी।
रविवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने इज्तिमा की अनुमति को निरस्त कर पुलिस से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रभारी कोतवाल जावेद मलिक ने बताया कि देवबंदी मसलक के लोगों को अनुमति के निरस्तीकरण की सूचना देकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित की गई है।
बरेलवी मसलक के लोगों ने मामले से जुड़े पुराने कई अभिलेख प्रस्तुत कर इज्तिमा पर रोक लगाने की मांग की थी। उनकी मांग पर प्रकरण की जांच उपरांत सामने आया है कि दोनों पक्ष में कोई मसलकी विवाद चला आ रहा है। इस कारण आयोजन की अनुमति को निरस्त किया गया है। साथ ही पुलिस प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, काशीपुर-जसपुर