खटीमा। शारदा सागर डैम में साइबेरियन पक्षियों पर मंडराते खतरे काे देखते हुए वन विभाग ने गश्त तेज कर दी है। शारदा सागर डैम के आसपास उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के भी शिकारियों के सक्रिय होने की आशंका है। शिकारियों की धरपकड़ के लिए वन विभाग ने नाव से गश्त करनी शुरू कर दी है।
करीब 22 किलोमीटर परिधि वाले शारदा सागर डैम में करीब छह किलोमीटर का क्षेत्र उत्तराखंड की सीमा में पड़ता है। डैम में साइबेरियन पक्षियों के शिकार और बिक्री में दोनों राज्यों के शिकारियों के लिप्तता की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम गश्त कर रही ही है। खटीमा उप वन प्रभाग के सुरई रेंज की वन विभाग टीमें स्थलीय क्षेत्र में पैदल और डैम में नाव से गश्त कर रही हैं।
सुरई रेंज के रेंजर राजेंद्र सिह मनराल ने बताया कि शारदा सागर डैम के पास शिकारियों की धरकपड़ के लिए टीमें गठित की गई हैं। शिकारियों को पूरे प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई शिकारी वन विभाग की गिरफ्त में नहीं आया है।
साइबेरियन पक्षियों को शिकारियों से बचाना चुनौती
खटीमा। तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी के सुरई रेंज में पड़ने वाले शारदा सागर डैम में नवंबर से ही साइबेरियन पक्षी पहुंचने शुरू हो गए थे। बता दें कि नवंबर इन विदेशी परिंदों का प्रजनन काल होता है। अपना प्रवास पूरा करने के बाद यह विदेशी मेहमान अपने देश को लौट जाते हैं। लेकिन इन प्रवासी पक्षियों पर शुरू से ही स्थानीय और उत्तर प्रदेश के शिकारियों की नजर रहती है। साइबेरियन पक्षियों को शिकारियों से बचाना वन विभाग के लिए शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। संवाद