रुद्रपुर/सितारगंज। संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगपत्र एडीएम को सौंपा। उन्होंने आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन, तराई किसान संगठन और अन्य संगठनों से जुड़े किसान कलक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। किसानों ने राकेश टिकैत जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इसके बाद किसानों ने जुलूस निकाला और कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर एडीएम जगदीश चंद्र कांडपाल को ज्ञापन सौंपा।
वक्ताओं ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान भयंकर सर्दी में सड़कों पर हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। संयुक्त मोर्चे ने नेशनल हाईवे जाम करने का कार्यक्रम दिया था लेकिन गन्ना सीजन होने की वजह से उत्तराखंड को चक्काजाम के कार्यक्रम से अलग रखा गया है।
उन्होंने सरकार से तीनों काले कानून निरस्त करने, एमएसपी को कानूनी गारंटी, आंदोलन कर रहे किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, जेल में बंद किसानों को रिहा करने की मांग की। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए कलक्ट्रेट में पुलिस फोर्स तैनात रहा। वहां भाकियू प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा, प्रदेश महासचिव दर्शन सिंह, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, सीपी शर्मा, ठाकुर जगदीश सिंह, गुरसेवक सिंह, गुरसाहब सिंह, जागीर सिंह, जसविंदर सिंह आदि थे।
उधर, सितारगंज में अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह की अध्यक्षता में नानकमत्ता मंडी परिसर में किसानों की बैठक हुई। इसमें किसानों ने कहा कि जब तक तीन कानून वापस नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि आठ फरवरी को किसानों का एक और जत्था दिल्ली में चल रहे आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना होगा। वहां लोहर सिंह राव, प्रकाश सिंह, खड़क सिंह राणा, रूढ़ सिंह, लक्ष्मण सिंह राणा, सुरेश सिंह राणा, करम सिंह, बूटा सिंह आदि थे।
अब जिले और प्रदेशों में केंद्रित होंगे कार्यक्रम
रुद्रपुर। गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में जिले से किसानों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। बॉर्डर पर बड़ी संख्या में जिले से किसानों ने पहुंचकर धरने में शिरकत की। बॉर्डर पर किसानों ने सरकार को जगाने के लिए एक मिनट तक वाहनों के हॉर्न बजाए। इसके साथ ही बॉर्डर पर लगाई गई कीलों पर डाली गई मिट्टी में फूल के पौधे रोपे।
तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि अब हर जगह से भीड़ की बजाय टुकड़ियों में किसान पहुंच रहे हैं। अब जिलों और प्रदेशों में कार्यक्रमों को केंद्रित करने की रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही संयुक्त मोर्चा की तरफ से कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी। शनिवार को भी बॉर्डर पर पौधे रोपे गए और एक मिनट के लिए वाहनों के हॉर्न बजाए गए। वहां विक्रमजीत सिंह, अमृतपाल सिंह, गौरव सिंह, मनिंदर सिंह, विष्णु बटला, परविंदर संधू, अमनदीप आदि थे।
रुद्रपुर के कलक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के कलक्ट्रेट परिसर में जूलूस निकालते किसान।- फोटो : RUDRAPUR