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लोग बोले स्थाई रूप से ठीक करें बाईपास मार्ग को

Sat, 26 Nov 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
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गड्ढे भरवाते र्ईर्ई - फोटो : अमर उजाला
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खनिज से ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही से बदहाल बने बाईपास रोड पर बने गड्ढों पर लोक निर्माण विभाग ने टल्ले लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। सड़क को स्थायी रूप से ठीक करने बजाय विभाग की ओर से की जा रही है इस खानापूरी से लोग नाराजगी है। उनका कहना है विभाग की ओर से की जा रही इस खानापूरी कुछ दिन बाद सड़क की हालत पुरानी जैसी हो जाती है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए इसमें डामरीकरण किया जाना चाहिए।  


शहर के बाईपास रोड पर खनिज से ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही होती रहती है, जिससे इस सड़क की हालत काफी बदहाल बनी हुई है। इस मार्ग पर उदयराज हिंदू  इंटर कालेज, राजकीय पॉलीटेक्निक और श्री गुरुनानक गर्ल्स इंटर कालेज हैं। सड़क की हालत खराब होने से इस पर आने जाने वाले स्कूली विद्यार्थियों और आम लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। सड़क से कैबिनेट मंत्री, विभिन्न पार्टियों के नेता वाहन में हिचकोले खाते हुए गुजरते रहते हैं। किसी का ध्यान इसकी दुर्दशा पर नहीं जा पाया है।
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इन दिनों इस बाईपास मार्ग पर बने गड्ढों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से पैच भरान का कार्य किया जा रहा है। लेकिन इससे लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से इसकी बदहाली दूर करने के नाम पर सड़क पर बने गड्ढों में पत्थर मिट्टी डालकर पैच भरान का कार्य किया जाता है। लेकिन कुछ दिन बाद सड़क की स्थिति पहले जैसी हो जाती है। सड़क में उड़ती धूल के गुबार से राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है।


ईई ने किया पैच भरान कार्य का निरीक्षण

लोक निर्माण विभाग के ईई यूसी बहुगुणा ने शनिवार को बाईपास मार्ग पर चल रहे गड्ढे भरान के कार्य का निरीक्षण किया। श्रमिकों को पैच भरान का कार्य सही तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मई 2016 में करीब पांच करोड़ की लागत से बनने वाली करीब ढाई किलोमीटर की स्टेडियम बाईपास सड़क का प्रस्ताव भेजा गया था। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।



 
-स्टेडियम रोड निवासी नईम कहते हैं कि वाहनों के चलने से पूरी सड़क टूट चुकी है। वाहनों के चलने से धूल का गुबार उड़ता है। जिससे बीमारियां होने की खतरा रहता है। गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा, सड़क को पक्का बनाने की जरूरत है।


- स्टेडियम रोड निवासी दवा विक्रेता हिमांशु कहते हैं कि दिन भर मेडिकल पर रखी दवाईयों से धूल हटानी पड़ती है। जिससे ग्राहक भी कम आते हैं। दो साल से अधिक हो गया है। लेकिन सड़क में डामरीकरण नहीं हो सका है।

 - स्टेडियम रोड निवासी अनुपम वर्मा कहते है कि ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़क टूट चुकी है। कई विभाग से सड़क बनाने के लिए कह चुके हैं। विभाग पैच भरान कर खानापूरी कर देता है। सड़क फिर वैसी हो जाती है।

- स्टेडियम रोड निवासी मोहित शर्मा कहते है कि ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़क टूट चुकी है। कई बार तो ओवरलोड वाहन गड्ढों में पलट भी जाते हैं। इस पर ओवरलोडेड वाहनों के चलने पर रोक लगनी चाहिए।
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- स्टेडियम रोड निवासी सुनील कुमार कहते है कि भारी वाहनों के चलने से स्कूली बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। सड़क में दुर्घटना की छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती है। इस सड़क पर पुलिस और प्रशासन कभी भी खनन भरे वाहनों की जांच नहीं कराता है।

 
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