काशीपुर के नूरपुर में आग में जला सामान।
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नूरपुर गांव में सड़क किनारे वर्ग चार की भूमि पर पिछले 40 वर्षों से करीब तीन दर्जन परिवार रहते चले आ रहे हैं। बुधवार शाम छह बजे कांग्रेसी नेता विनोद वात्सल्य के खेत में गेहूं की नलई में आग लगाई थी। इस दौरान आई तेज आंधी से आग बस्ती में फैल गई। आग से मुंशीपाल और हरिशंकर के मवेशी झुलसकर मर गए। वहीं सोमवती की भैंसें झुलस गई। आग से महेंद्र, परमेश, उर्मिला, नरेश, देवी, जाबित्री, चन्ना सिंह, मदन सिंह और राजकुमार की हजारों की नकदी जल गई।
इसके अलावा राकेश और युवराज की बाइक जल गई। आग में दो लोगों के टेपाें भी क्षतिग्रस्त हो गए। बृहस्पतिवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर ने राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना किया। देर शाम तहसीलदार संजय कुमार, कानूनगो राजीव वर्मा, लेखपाल राजीव चौहान ने प्रभावितों को अहेतुक राशि के चेक उपलब्ध कराए। तहसीलदार ने बताया कि गृह निर्माण की मद में सहायता उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जा रही है।
स्वीकृति मिलने के बाद प्रभावितों को गृह निर्माण की राशि भी उपलब्ध करा दी जाएगी। काबीना मंत्री यशपाल आर्य ने भी अपने प्रतिनिधि डीके जोशी के माध्यम से अग्नि प्रभावितों के लिए खाद्यान्न सामग्री व बिस्तर, चारपाई आदि भेजे।
मदद को लोगों ने बढ़ाए हाथ
काशीपुर। कांग्रेस नेता विनोद वात्सल्य अपने बेटे के साथ अग्निपीड़ितों से मिले। उन्होंने जिंदर सिंह, कुलदीप सिंह चीमा, समरपाल चीमा आदि की मौजूदगी में पीड़ितों को तीन लाख रुपये की सहायता देने पर सहमति जताई। कुंडेश्वरी निवासी आयेंद्र सिंह रावत, वरुण सिंह और कपिल सिंह ने पीड़ितों को कपड़े और चप्पलें बांटी। सत्यवीर शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से चंदा एकत्र कर प्रभावितों को बर्तन उपलब्ध कराए गए हैं। जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रभावितों के लिए स्टोन क्रेशरों के अलावा अन्य ग्रामीणों से भी मदद जुटाई जाएगी।
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सिलिंडर न निकालते तो हो सकता था बड़ा हादसा
काशीपुर। ग्राम नूरपुर में आग लगने के दौरान आधा दर्जन से अधिक घरों में गैस सिलिंडर रखे थे। बचाव को आए लोगों ने सबसे पहले सिलिंडरों को घरों से बाहर निकाला। इस दौरान जैतपुर निवासी सचनीत सिंह उर्फ पिंटू चीमा भी झुलस गए।
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सब कुछ जल गया अब कैसे हो बेटी की शादी
काशीपुर। नूरपुर निवासी उर्मिला ने अपनी बेटी का दिल्ली से रिश्ता तय किया है। अगले महीने होने वाली शादी के लिए उसने किसी तरह 1.60 लाख रुपये जुटाए थे। इसके अलावा करीब डेढ़ लाख के जेवर और कपड़े भी खरीदे थे। लेकिन, बुधवार रात हुए अग्निकांड में सबकुछ जल गया। उर्मिला को अब बेटी की शादी कि चिंता सता रही है। अब बेटी की शादी के लिए उन्हें नए सिरे से जद्दोजहद करनी पड़ेगी।