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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र को मिली पेंशन की धनराशि

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जसपुर में रिक्शा चालक के साथ समिति के सदस्य। - फोटो : KASHIPUR
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जसपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रिक्शा चालक पुत्र के बैंक खाते में कुटुंब पेंशन योजना के तहत एक लाख पैंतीस हजार रुपये आ गए हैं। स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति के सदस्यों ने ग्राम कलियावाला पहुंचकर परिवार का हाल जाना और अमर उजाला का आभार जताया।
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ग्राम कलियावाला निवासी हरिश्चंद्र ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। भारत पाक विभाजन होने के बाद वह ग्राम कलियावाला में आकर बस गए थे। उनके जीवनकाल में उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पेंशन मिलती थी। सात मार्च 1993 को उनके निधन के बाद उनकी पत्नी मायादेवी को पेंशन मिलने लगी। दो सितंबर 1997 को उनका भी निधन हो गया। इसके बाद आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनका एकमात्र पुत्र सतपाल नगर में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करने लगे। उनकी तीनों पुत्रियां और पत्नी पुष्पा गांव में मजदूरी करतीं हैं।
16 सितंबर 2016 को प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए उनकी प्रथम पीढ़ी के लिए कुटुंब पेंशन योजना लागू की थी। इसमें चार हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान है। इस पेंशन के लिए सतपाल ने जनवरी 2018 में तहसीलदार कार्यालय में फाइल जमा की। तहसीलदार के कार्यालय से फाइल गायब होने पर सतपाल ने जनवरी 2019 में पुन: तहसीलदार कार्यालय में फाइल दाखिल की। बीती 12 जनवरी को तहसीलदार और एसडीएम ने फाइल को स्वीकृत कर डीएम के पास भेजा था।
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डीएम ने 22 फरवरी 2019 को फाइल स्वीकृत कर सतपाल को पेंशन पट्टा दे दिया था। अमर उजाला ने जनवरी 2019 से इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। कुटुंब पेंशन की अब तक की धनराशि सप्ताहभर पूर्व सतपाल के बैंक खाते में डाली गई। शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति के सदस्यों ने सतपाल के घर कलियावाला पहुंचकर परिवार का हाल जाना। सदस्यों ने अमर उजाला का आभार जताया। वहां जीसी परगाईं, वशिष्ठ कुमार, हरिश्चंद्र जोशी, रेखाधर जोशी, चंद्रप्रकाश यादव, यशवर्धन त्यागी, प्रेम सहोता, संजय, सूर्य विश्नोई आदि थे।
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