काशीपुर में एयर क्वालिटी मॉनिटर मशीन लगाते टैरी और पीसीबी के अधिकारी।
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काशीपुर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) अब काशीपुर में होने वाले वायु प्रदूषण के छोटे से छोटे श्रोत का भी पता लगाएगा। इसके लिए पीसीबी ने ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान, टैरी के साथ मिलकर काशीपुर में सात स्थानों पर एयर क्वालिटी मानीटर लगवाए हैं। डेढ़ साल तक अध्ययन करने के बाद वायु प्रदूषण के कारणों का पता चलेगा। मौसम के अनुसार सीजनल इसकी समीक्षा की जाएगी।
काशीपुर भारत के उन शहरों में है जहां वायु प्रदूषण हमेशा मानकों से अधिक रहता है। कुछ समय पूर्व एनजीटी ने देश के कई शहरों का सर्वे किया जिसमें से कुछ शहरों के छोटा होने के बाद भी वहां वायु प्रदूषण की मात्रा अधिक मिली।
औद्योगिक इकाइयों वाहनों आदि को वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा श्रोत माना गया है। एनजीटी के सर्वे के बाद अब उत्तराखंड शासन ने टैरी को पीसीबी की मदद से वायु प्रदूषण की अधिकता वाले इन छोटे शहरों में वायु प्रदूषण के कारणों को खोजने का जिम्मा दिया है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर एयर क्वालिटी मानीटरों को स्थापित किया है। वहीं, टैरी के रिसर्च साइंटिस्ट वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि भारत के कई अन्य शहरों में भी इस तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं।