जिले के किसानों का पिछले साल के धान का 19 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इसमें से नौ करोड़ की रकम अकेले काशीपुर के किसानों की है। प्रदेश के खाद्य मंत्री बंशीधर भगत के कई बार आश्वासन देने के बाद भी किसानों को धान की उपज का भुगतान नहीं हो सका है।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर सहकारी समितियों ने पिछले साल अक्तूबर और नवंबर में किसानों से धान खरीद की थी। नवंबर के पहले सप्ताह में खरीद पोर्टल अचानक बंद कर दिया गया। जबकि किसानों का धान कांटों पर तौला जा चुका था। खरीद के बावजूद यह धान पोर्टल पर नहीं चढ़ सका जिस कारण किसानों को 6-आर भी नहीं दिए गए। पूरे जिले में 1.09 लाख क्विंटल धान का भुगतान लटका पड़ा है। इनमें काशीपुर के किसानों का 49 हजार क्विंटल धान है। भुगतान के लिए किसान सहकारी समितियों के चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं।
विधायक हरभजन सिंह चीमा ने भी भुगतान को लेकर प्रदेश सरकार पर कई बार दबाव बनाया लेकिन उनकी भी एक न सुनी गई। दो माह पूर्व खाद्य मंत्री बंशीधर भगत ने इस प्रकरण को कैबिनेट की बैठक में रखने का भरोसा दिलाया था लेकिन कई बैठकों के बाद भी इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। अपर निबंधक सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है। सरकारी स्तर पर तकनीकी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
किसानों के बकाया धान मूल्य के भुगतान की मांग को लेकर मैं व्यक्तिगत रूप से चिंतित हूं। बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में धान के बकाया भुगतान का विषय रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद जल्द ही किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। - बंशीधर भगत, खाद्य मंत्री।