काशीपुर। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में लंबे समय हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से आर्थिक रूप से कमजोर हड्डी रोगियों को निजी डॉक्टरों से इलाज कराना मजबूरी हो गया।
क्षेत्र का सरकारी अस्पताल नगरवासियों के साथ आसपास शहरवासियों के लिए खासा महत्वपूर्ण है। वहीं इस क्षेत्र में समय-समय पर सड़क हादसे होने के बावजूद यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद लगभग आठ महीने से रिक्त चल रहा है। बता दें लगभग आठ माह पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान की यहां तैनाती थी। उस दौरान 140 से 150 तक प्रतिदिन ओपीडी होने के साथ ही एक महीने में 8 से 10 हड्डी के आपरेशन हुआ करते थे। उनकी पदोन्नति होने और लोहाघाट चंपावत सरकारी अस्पताल का प्रभारी बनने के बाद यह पद रिक्त हो गया। उसके बाद से यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
सरकारी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से सड़क हादसों के गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों का निजी डॉक्टरों के यहां इलाज कराना मजबूरी बन चुका है। बताया जाता है वर्तमान में प्रतिदिन 30-40 लोग हड्डी से संबंधित परेशानी लेकर यहां पहुंचते हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने के संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है। हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से समस्या हो रही है। - डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, सरकारी अस्पताल