काशीपुर। चैती मेला परिसर के पास स्थित एक गली में देर रात दो तेंदुए दिखने से क्षेत्रवासियों में भय का माहौल है। एक सप्ताह बाद चैती मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
बीते लगभग 4-5 साल से चैती मेला परिसर से सटे गोविषाण टीला क्षेत्र में तेंदुओं का कुनवा देखा जा रहा था जो कई कुत्तों व गाय के बछड़ों को अपना निवाला बना चुका थे। तब पुरातत्व विभाग व क्षेत्रवासियों की मांग पर वन विभाग ने टीला परिसर में पिंजरा लगाया और अलग-अलग समय पर पांच तेंदुओं को कैद कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा चुका है जबकि दो तेंदुओं की मौत भी चुकी है। अब फिर से दो से तीन तेंदुए टीला परिसर में होने की क्षेत्रवासी पुष्टि कर रहे हैं। बीते बृहस्पतिवार की देर रात ब्लॉक कार्यालय के सामने गली में दो तेंदुओं के घूमते हुए वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इसके बाद से लोगों में दहशत का माहौल है। मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन से टीला क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा है। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वन विभाग से इस संबंध में बात करके सुरक्षा के इंतजाम कराएं जाएंगे।
क्या बोले लोग
- चैती मेला 19 मार्च से शुरू हो रहा है। प्रशासन को टीला क्षेत्र में चैती मेला के दौरान वन विभाग की गश्त करानी चाहिए, ताकि तेंदुआ किसी को नुकसान नहीं पहुंच सके। - पंडा विकास अग्निहोत्री, मुख्य पंडा, मां बाल सुंदरी देवी मंदिर।
- मेला प्रशासन को जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीला क्षेत्र में वन विभाग की गश्त को बढ़ानी चाहिए और क्षेत्र में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, ताकि तेंदुआ मेला क्षेत्र में नहीं आ सके। - पंडा मनोज अग्निहोत्री, सहायक प्रधान पंडा, मां बाल सुंदरी देवी मंदिर।
- बीते कुछ दिनों से टीला क्षेत्र में तेंदुए फिर दिखाई देने लगे हैं। इस संबंध में मेला प्रशासन व वन विभाग से बात करके सुरक्षा के प्रबंध कराए जाएंगे। -अनिल कुमार, पार्षद, जसपुर खुर्द क्षेत्र
- टीला से सटे रास्ते से मां भगवती का डोला आता है और चैती मेला के दौरान अधिकतर क्षेत्रवासी इस मार्ग का प्रयोग करते हैं। मेला प्रशासन को जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए। -निशान सिंह, पूर्व अध्यक्ष मंडी समिति।