नायब तहसीलदार से मारपीट के मामले में करीब डेढ़ महीने से जेल में बंद गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय को कोर्ट से राहत मिली है। एडीजे प्रथम की अदालत ने सुनवाई करते हुए विधायक को जमानत देने का फैसला सुनाया।
अदालत के फैसले से विधायक के समर्थकों में उत्साह है। हालांकि अन्य मामलों में जमानत मिलने तक विधायक जेल में ही रहेंगे।
बीते 25 अगस्त को गदरपुर में विधायक अरविंद पांडेय पर नायब तहसीलदार शेर सिंह के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा था।
काफी दिनों से पुलिस को चकमा देने के बाद 5 सितंबर को विधायक ने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर गदरपुर थाने में आत्मसमर्पण किया था। विधायक की गिरफ्तारी के बाद से प्रदेशभर में सियासी पारा चढ़ गया था।
भाजपा ने प्रदेश सरकार पर विधायक का उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जगह-जगह प्रदर्शन और पुतले फूंके थे। रुद्रपुर, हल्द्वानी और अन्य जगहों पर मुख्यमंत्री का विरोध भी हुआ था।
शुक्रवार को जिला जज ने बेस केस को अपर जिला जज प्रथम की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। अपर जिला जज श्रीकांत पांडे की अदालत में विधायक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
विधायक के अधिवक्ता दिवाकर पांडे ने बताया कि एडीजे प्रथम ने विधायक अरविंद पांडेय को जमानत देने का फैसला सुनाया। अभी अन्य मामलों में विधायक को जमानत मिलना बाकी है।
उधर, देर शाम भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक पांडेय को कोर्ट से जमानत मिलने पर खुशी मनाते हुए आतिशबाजी के साथ ही मिठाई बांटी।
इस द़ौरान भाजपा जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, जिला महामंत्री भारत भूषण चुघ, महानगर अध्यक्ष हरीश सुखीजा, चंद्रप्रकाश, सुनील सिंह, कपिल आदि मौजूद थे।