रुद्रपुर। उत्तराखंड में एक राज्य एक पंचायत चुनाव लागू करने की मांग हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसको लेकर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने देहरादून कूच कर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के नेतृत्व में सोमवार को जिलेभर के पंचायत प्रतिनिधि गांधी पार्क में एकत्र हुए। यहां उन्होंने एक राज्य एक पंचायत चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर पीएम और सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम अशोक जोशी को सौंपा। ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि वे उत्तराखंड में एक राज्य एक पंचायत चुनाव के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। प्रदेश में हरिद्वार को छोड़कर अन्य सभी 12 जनपदों का त्रिस्तरीय पंचायत का चुनाव 2024-25 में होना है। उन्होंने पीएम की एक देश एक चुनाव की पहल को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड में एक राज्य एक पंचायत चुनाव के सिद्धांत को लागू करने की मांग की। वहां भाष्कर सम्मल, प्रीति, राघव सिंह, सोंती देवी, जगीर सिंह, मनीष सिंह राना, अमरजीत सिंह, मो. जाकिर, कल्पना देवी आदि थे।
कई राज्यों में कार्यकाल बढ़ाने का लाया गया अध्यादेश
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश में वर्ष 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार ने अधिसूचना के माध्यम से एक वर्ष से चार माह का कार्यकाल बढ़ाते हुए निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही पंचायतों में कार्य करने का अवसर दिया था। देश के विभिन्न राज्यों में भी पंचायत का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अध्यादेश लाया गया है। उन्होंने प्रदेश के 12 जिलों के त्रिस्तरीय पंचायतों का चुनाव हरिद्वार जनपद के साथ कराने के लिए राज्य तथा केंद्र सरकार से आपस में समन्वय स्थापित कर तत्काल निर्णय लिया जाए। उन्होंने पंचायती राज निदेशक से भी इस मांग के समाधान के लिए संगठन को एक सप्ताह के भीतर वार्ता के लिए बुलाने की मांग की है।
कोरोना काल के दो साल कार्यकाल में न जोड़े जाएं
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2019 में गठित त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल में कोविड-19 महामारी के कारण दो वर्ष तक विकास कार्य के लिए कोई बजट नहीं आया। पंचायतों की बैठक तक नहीं हो पाई। इससे कोरोनाकाल के दो वर्ष के कार्यकाल को पंचायतों के पांच वर्ष के कार्यकाल के साथ न जोड़ा जाए।