रुद्रपुर। तराई क्षेत्र में जोड़ों में दर्द की शिकायत गंभीर रूप लेते जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुसार तराई में जोड़ों के दर्द के मरीजों में विशेष बदलाव देखे जा रहे हैं। पहले गठिया की शिकायत औसत 50 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को होती थी। वर्तमान में 40 साल के लोग भी बड़ी संख्या में गठिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
ठंड में हर साल जिला अस्पताल में जोड़ों और हडि्डयों में दर्द से परेशान मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है। ठंड बढ़ने के साथ पुरानी चोटों पर भी घटते तापमान का असर पड़ता है। दो साल से अस्थि रोग विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे डॉ. धमेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि औसतन रोजाना 150 मरीजों का इलाज और जांच मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में की जाती है। गर्मियों में अधिकतर मरीज हडि्डयों से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए आते हैं, जबकि सर्दी शुरू होते ही 150 मरीजों में से 100 मरीज गठिया से पीड़ित होते हैं।
तराई में पड़ने वाला कोहरा जो हड्डियों में तरलता को घटाता है। इस कारण 40 साल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खान पान पर नियंत्रण और व्यायाम को जीवन शैली में अपनाकर कम उम्र में गठिया के रोग से बचा जा सकता है।
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मुख्य कारण
वाहनों का अधिक समय तक उपयोग
आधुनिकता केे इस्तेमाल से शारीरिक गतिविधिंयों का कम होना
खानपान पर नियंत्रण ना होना
युवा अवस्था में नियमित रूटीन की कमी
समय समय पर मेडिकल चेकअप ना कराना
बचाव के तरीके
कैल्शियम युक्त चीजों का अधिक सेवन।
प्रशिक्षित लोगों की निगरानी में योग सीखना।
हरी सब्जी और फलों का सेवन।
ठंड से बचाव में लापरवाही न बरतें।
बीएमआई पर नियमित रूप से नजर रखें।
नियमित रूप से मेडिकल चेकअप कराएं।