रुद्रपुर/खटीमा। शासन ने जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा कर चुके 120 कच्चा आढ़तियों की धान खरीद की सीमा पांच हजार क्विंटल और बढ़ा दी है। इससे जिले में कच्चा आढ़तियों के माध्यम से धान की सरकारी खरीद में और तेजी आने की संभावना है।
जिले में इस बार कच्चा आढ़तियों के माध्यम से सरकार ने धान खरीदने के लिए 399 लाइसेंस जारी किए थे। इनमें से धान खरीद में सहयोग नहीं करने वाले सितारगंज और खटीमा के 15 कच्चा आढ़तियों को पूर्व में पांच साल के लिए काली सूची में डाल दिया गया है। शेष 384 कच्चा आढ़तियों में से धान खरीद का 10 हजार क्विंटल लक्ष्य करीब एक सप्ताह पूर्व पूरा कर चुके 120 कच्चा आढ़तियों का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है।
आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि कच्चा आढ़तियों के साथ ही सरकारी क्रय केंद्रों का लक्ष्य भी लगातार बढ़ाया जा रहा है। इधर, रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर करीब 160 क्विंटल धान की खरीद हुई जबकि तराई विकास सहकारी संघ के कांटे पर करीब 500 क्विंटल, फुलसुंगा क्रय केंद्र पर 603 क्विंटल और बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर 584 क्विंटल धान खरीद हुई।
साथ ही गल्ला मंडी में निजी आढ़तों पर किसानों का करीब 13 हजार क्विंटल धान औने-पौने दामों पर बिका। जिले में अब तक 13 लाख, 82 हजार, 973 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है।
उधर, खटीमा में 57 क्रय केंद्रों में धान खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के करीब पहुंचने लगा है। एडीओ सहकारिता गौरव शर्मा ने बताया कि अभी तक क्षेत्र में 4.40 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। मंडी निरीक्षक राजेंद्र चंद ने बताया कि मंगलवार को 150 ट्रॉली धान तौला गया।
भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने मंडी परिसर में समझौते के आधार पर हुई खरीद में संतोष जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि बारदाने की आ रही दिक्कत से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
पुरानी व्यवस्थाओं से संचालित हो रहे हैं क्रय केंद्र
रुद्रपुर। जिले में खुले 183 सरकारी क्रय केंद्रों में से अधिकांश केंद्रों पर अभी भी पुरानी व्यवस्थाओं के बीच धान खरीद हो रही है। मंडी समितियों की ओर से सुविधा के नाम पर दो प्रतिशत शुल्क लेने के बावजूद क्रय केंद्रों पर सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
मंगलवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर धान खरीद के दौरान मंडी समिति की ओर से उपलब्ध कराया गया पंखा न चलने से कुछ देर धान खरीद बाधित रही। क्रय केंद्र के कर्मचारियों ने मंडी समिति पर सही फड़ और बिजली की उचित व्यवस्था उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। दो दिन पहले केंद्र पर शॉर्टसर्किट से स्विच बोर्ड जल गया था, जिसे क्रय केंद्र प्रभारी ने अपने खर्चे से सही करवाया।
बाजपुर पहुंचीं डीएम, धान तौन केंद्रों का किया निरीक्षण
बाजपुर। जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने मंगलवार को अचानक मंडी समिति स्थित तौल केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक सहकारी तौल केंद्र पर पंखे और कांटा खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि केंद्रों पर तौल में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसडीएम एपी वाजपेयी ने केंद्रों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
डीएम ने तौल केंद्र पर नमी मशीन, धर्मकांटे पर खाली बोरी का वजन भी कराया। किसानों ने धर्मकांटे बढ़ाने और तौल केंद्रों पर मजदूरों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। इस पर डीएम ने अधीनस्थों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता तौल केंद्रों पर खरीदे गए धान का भुगतान करने के लिए शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी।
डीएम ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के नाम केंद्रों पर धान तुलवाए जाने की शिकायतों पर जांच कराई जाएगी। किसानों से मजदूरों का भुगतान दिलाने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव विजयनगलिया निवासी एक किसान ने डीएम के समक्ष दो दिन से धान नहीं तौलने का आरोप लगाया। वहां एसडीएम एपी वाजपेयी, एमएस टोलिया, सत्यवान गर्ग, राजेंद्र बेदी आदि थे।
एक ही ट्रॉली को दो बार तौलने से मना करने पर मंडी निरीक्षक से मारपीट
किच्छा। मंडी के धर्मकांटे पर एक ही ट्रॉली को दूसरी बार ना तोलने से खफा मंडी की लाइसेंसधारी फर्म के मालिक दो भाइयों ने मंडी निरीक्षक से मारपीट कर दी। घटना से गुस्साए मंडी निरीक्षक ने मंडी सचिव से शिकायत के बाद कोतवाली में तहरीर सौंपी हैं। समाचार लिखे जाने तक मामले में केस दर्ज नहीं हुआ था।
मंडी निरीक्षक गोविंद नाथ गोस्वामी ने मंगलवार को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोमवार सुबह वह मंडी के गेट पर लगे धर्मकांटे पर कर्मचारियों से धान से लदी ट्रॉलियों की मंडी कर्मचारियों से तुलाई करा रहे थे और वह स्वयं प्रवेश पर्ची जारी कर रहे थे।
इस दौरान मंडी की एक लाइसेंसधारी फर्म के स्वामी दो भाइयों ने धान की एक ट्रॉली तुलवाने और उसकी पर्ची लेने के बाद उसी ट्रॉली को दोबारा मोड़कर तुलाई कराने और प्रवेश पर्ची जारी करने के लिए दबाव बनाया।
उन्होंने एक ही ट्रॉली को को दो बार तुलवाने और फिर से पर्ची जारी करने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों भाइयों ने उनके साथ गालीगलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आसपास के किसानों ने बीचबचाव करते हुए उन्हें बचाया। उन्होंने उक्त भाइयों से जानमाल का खतरा बताते हुए न्याय की मांग की है।
इधर, कोतवाल उमेश कुमार मलिक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस प्रकरण के बारे में मंडी सचिव से जानकारी लेने के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं, मंडी चेयरमैन कमलेंद्र सेमवाल ने बताया कि उनकी जानकारी में फर्म मालिक कर ओर से कर्मचारी से मारपीट होने की सूचना मिली है, मामले की और जानकारी जुटाई जा रही है।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में आरएफसी के केंद्र पर धान तौलते पल्लेदार।- फोटो : RUDRAPUR