रुद्रपुर। रुद्रपुर से गदरपुर तक हाईवे और आंतरिक मार्गों पर ओवरलोड भूसे के वाहन फिर से दौड़ रहे हैं। पुलिस-प्रशासन ने बाजपुर में हुई घटना से भी कोई सबक नहीं लिया है। इन वाहनों को न तो पुलिस-प्रशासन का डर है और न ही लोगों की जान की कोई परवाह है।
पांच फरवरी को बाजपुर में नेशनल हाईवे पर एक हादसा हुआ था। भूसे से लदा एक ओवरलोड ट्राला सड़क किनारे खड़ी कार पर पलट गया था। इस हादसे में ग्राम कनौरा निवासी 30 वर्षीय नाजिम की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलानी कार्रवाई शुरू की थी। कुछ समय तक इसका असर भी दिखाई दिया था। अब हाईवे पर ओवरलोड वाहनों का गुंडाराज फिर से शुरू हो गया है। ये वाहन बेधड़क होकर सुबह से रात तक सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह स्थिति सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
हादसों के बाद भी लापरवाही
बाजपुर के अलावा किच्छा और सितारगंज में ओवरलोड वाहनों से कहर बरपाया था। तब कई लोग बेमौत मारे गए। कई घरों के इकलौते चिराग बुझ गए। हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन की सख्ती ज्यादा समय तक नहीं टिक पाई। लापरवाही बड़े हादसों को न्योता दे रही है।
अधिक भार से संतुलन बिगड़ने का खतरा
मुख्य मार्गों पर भूसे के ओवरलोड वाहन अक्सर क्षमता से अधिक भार लेकर चलते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। ऐसे वाहन अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी जोखिम पैदा करते हैं।
वर्जन::
डीएस और एसएसपी के निर्देश पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिस पर रोक भी लगी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों वाहनों पर और सख्ती की जाएगी। जो नहीं मानेंगे उन वाहनों को सीज किया जाएगा। - जितेंद्र चौधरी, एसपी क्राइम।