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Uttarakhand: विदेश के सपने...छात्रों के भविष्य का सौदा, अभिभावकों को लूटा; ऐसे लाखों की रकम उड़ा गए कबूतरबाज

Mon, 22 Dec 2025 11:23 AM IST
हीरा मेहरा दीप बेलवाल

सार

राकेश कुमार (30) को पढ़ाई के वीजा पर रूस भेजा गया, लेकिन उसे पढ़ाई के बजाय जबरन युद्ध में झोंक दिया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। ऊधमसिंह नगर जिले के कई अन्य युवाओं को भी विदेश पढ़ाई के झूठे सपने दिखाकर लाखों रुपये ठगे गए हैं।
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फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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30 साल का युवा राकेश कुमार पढ़ाई के सपने लेकर स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसे पढ़ाई के बदले बंदूक थमाकर युद्ध के मैदान में उतार दिया गया जहां उसकी असमय मौत हो गई।शक्तिफार्म के इस नौजवान की तरह जिले के कई युवा ऐसे भी हैं जिन्हें विदेश तो नहीं भेजा गया लेकिन पढ़ाई के सपने दिखा कर उनसे लाखाें रुपये की ठगी जरूर हो गई। कबूतरबाजों का नेटवर्क इसका पीछे काम कर रहा है जो विदेश के सपने दिखा कर मोटी रकम हड़प रहा है। ऊधमसिंह नगर जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दो साल में ठगी के 40 मामले दर्ज किए गए हैं।

 

केस-1

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कुआंखेड़ा गदरपुर में रहने वाली गीता रानी को वर्ष 2024 में उच्च शिक्षा के लिए कनाडा जाना था। उसकी मुलाकात गदरपुर निवासी व्यक्ति से हुई। उसने आश्वासन दिया कि वह कनाडा का स्टडी वीजा दिला देगा। इसके लिए उसने 11 लाख रुपये ले लिए। कई माह बीत गए लेकिन उसे स्टडी वीजा नहीं मिल सका।

केस-2
ग्राम पिपलिया सितारगंज के गुरप्रीत सिंह व मनवीर सिंह उच्च शिक्षा के लिए इंंलैंड जाना चाहते थे। अगस्त 2023 में उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के रामपुर ग्राम चिचौली, राजपुरा मिलक निवासी गुरमुख सिंह से हुई। गुरमुख ने इंग्लैंड भेजने के नाम पर गुरप्रीत सिंह से 17.80 लाख व मनवीर सिंह से 9.30 लाख रुपये लिए। नतीजतन, उन्हें विदेश नहीं भेजा गया। बाद में गुरप्रीत को 13.25 लाख व मनवीर को चार लाख रुपये लौटाए गए। शेष 9.85 लाख रुपये आज तक वापस नहीं किए।

 

केस-3

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गदरपुर के ग्राम खुशालपुर सकैनिया में रहने वाले बचन सिंह अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजना चाहते थे। उनकी मुलाकात बिलासपुर में रहने वाले दो लोगों से हुई। दोनों ने आश्वासन दिया कि बेटे को इंग्लैंड भेज देंगे। बदले में 16 लाख रुपये देने होंगे। नौ फरवरी को बचन सिंह ने चार लाख व आठ मार्च को तीन लाख दे दिए। आज तक बेटा विदेश नहीं गया। कबूतरबाजों ने रकम भी नहीं लौटाई।

केस-4
ग्राम भमरौला में रहने वाले कमल देव तिवारी अपने बेटे अभिषेक को कनाडा भेजना चाहते थे। उसकी मुलाकात शिखा नाम की महिला से हुई थी। शिखा ने उन्हें वर्ष 2021 को गौरव नाम के युवक से मिलाया जिसने कनाडा भेजने के नाम पर 10 मई 2021 को 13 लाख रुपये खाते में डलवा दिए। इसके बाद छह लाख रुपये और दिए। इसके बदले अभिषेक को फर्जी दस्तावेज मिले जिससे उसके विदेश जाने के सपने चकनाचूर हो गए।

 

विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। जिन मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई है, उनकी गहनता से जांच कराई जाएगी। पीड़ितों को उनका पैसा लौटाने के साथ कबूतरबाजों के गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त किया जाएगा। - मणिकांत मिश्रा, एसएसपी

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