फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऋतुओं के हिसाब से तय हों हमारे पर्व : डॉ. पंत

विज्ञापन
डॉ आशुतोष पंत। - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के जिला आयुर्वेद अधिकारी व पर्यावरण प्रेमी डॉ. आशुतोष पंत ने भारत में पर्यावरण दिवस के आयोजन पर सवाल उठाये हैं। वह कहते हैं कि हमारा पर्यावरण दिवस हरेला पर्व है। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है । इस दिन हमारे देश में भी पौधरोपण करने की होड़ सी लग जाती है। पर्यावरण के प्रति सजग रहना अच्छी बात है लेकिन पर्यावरण की चिंता साल भर में सिर्फ एक दो दिन ही नहीं होनी चाहिए। पांच जून को पूरे देश में जगह जगह एनजीओ, सरकारी संस्थाएं और हजारों उत्साही लोग पौधरोपण करते हैं। इस दिन करोड़ों पौधे लगाए जाते हैं। यदि सच्चाई के साथ सर्वे कराया जाय तो साबित हो जाएगा कि इन पौधों में से दो या तीन प्रतिशत भी नहीं बच पाते हैं, जबकि हरेला पर्व के आसपास लगाए गए पौधों के बचने की काफी सम्भावना रहती है। यूरोपीय देशों में इस समय मौसम पौधरोपण के अनुकूल होता है। उत्तर भारत में 20 जून के आसपास वर्षा प्रारम्भ होती है। कुछ दिन की बारिश के बाद जमीन की तपिश कम हो जाती है। यह पौधों के लिये अनुकूल हो जाता है। इसके बाद चार-पांच महीने भूमि नम रहती है तो पौधे बच सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें