काशीपुर। स्थायी लोक अदालत रुद्रपुर ने बीमा कंपनी यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस को एक पेपर के बीमित बॉयलर नष्ट होने के मामले में 30 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित भुगतान के आदेश दिए हैं।
मल्टीवाल डुप्लैक्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रबंधक अब्दुल साबिर ने एक वाद अपने अधिवक्ता डीएस प्रजापति के माध्यम से यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी काशीपुर के विरुद्ध 23 जुलाई 2022 को स्थायी लोक अदालत रुद्रपुर में दायर किया। दायर याचिका में कहा कि कंपनी पेपर बनाने का काम करती है। उसने पेपर बनाने के लिए दो बॉयलर ले रखे हैं, जो कि 5 मई 2018 से 4 मई 2019 तक बीमा कंपनी में बीमित हैं। 14 नवंबर 2018 को एक बॉयलर एक हादसे में नष्ट हो गया। मामले की जानकारी संबंधित बीमा कंपनी को दी गई। तब बीमा कंपनी ने अपने सर्वेयर से बॉयलर का निरीक्षण कराया। उसके बाद बीमा कंपनी ने अपने दायित्व से बचते हुए बीमित धनराशि का भुगतान कंपनी को नहीं किया। साथ ही नो क्लेम कर प्रार्थी को भुगतान करने से मना कर दिया।
अदालत ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और साक्ष्यों का परीक्षण किया। वादी पक्ष के अधिवक्ता डीएस प्रजापति के तर्क से सहमत होकर बीमा कंपनी के सर्वेयर की डिग्री एलएलबी व एमबीए अंकित है। अदालत ने कहा कि बॉयलर फटने से संबंधित कारणों का पता लगाने के विषय में सर्वेयर कोई जानकारी नहीं रखता है। उसे यह नहीं पता कि बॉयलर कैसे फटा। ऐसे में उक्त सर्वेयर कंपनी के प्राधिकृत व्यक्ति की श्रेणी में नहीं आता है। सर्वे रिपोर्ट में यह भी अंकित नहीं है कि बॉयलर के संबंध में सर्वेयर की ओर से उचित परीक्षण किया गया है। अदालत ने छह अक्तूबर 2023 को बीमा कंपनी को 30 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए।
मृतक के परिजनों को 13 लाख देगी बीमा कंपनी
काशीपुर। मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल/ द्वितीय अपर जिला जज रितेश कुमार श्रीवास्तव ने बीमा कंपनी को 13 लाख रुपये याचीगण को अदा करने का आदेश दिया है। ग्राम कालाझांडा, ठाकुरद्वारा, जिला मुरादाबाद निवासी बीना देवी ने अपने पति की सड़क हादसे में मौत के बाद अपने अधिवक्ता अब्दुल सलीम के माध्यम से न्यायालय में छह अक्तूबर 2022 को क्लेम याचिका प्रस्तुत की। बीना देवी आदि बनाम विजय पाल आदि एमएसीपी 337/2022 क्लेम में याचिका ने कहा कि छह जुलाई 2022 को उसके पति भूकन सिंह को सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान 13 जुलाई 2022 को उनकी मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। मामले में सुनवाई करते हुए द्वितीय अपर जिला जज ने सात अक्तूबर 2023 को अपने निर्णय में विपक्षी बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 13 लाख रुपये देने के आदेश दिए।