रुद्रपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को पॉलिसी की सम इंश्योर्ड की धनराशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। बीमा कंपनी को परिवादिनी को मानसिक क्षति के लिए पांच हजार और वाद व्यय के लिए तीन हजार रुपये देने होंगे।
काशीपुर के वार्ड नंबर एक दुर्गा काॅलोनी निवासी आरती भल्ला ने आठ अप्रैल 2022 को उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में केनरा बैंक के काशीपुर और बीमा कंपनी अपोलो म्यूनिख के शाखा प्रबंधक के खिलाफ वाद दायर किया था। बतया कि पति सूरज कुमार ने मार्च 2018 में केनरा बैंक काशीपुर शाखा से 12 लाख का हाउसिंग लोन लिया था। बैंक ने अपने संयुक्त उपक्रम अपोलो म्यूनिख से एक ग्रुप पालिसी उसके पति के नाम पर जारी कर दी थी। इसमें जीवन बीमा और मेडिक्लेम शामिल था।
इसका प्रीमियम 18,463 रुपये उनके पति के खाते से सभी टैक्स काटकर बीमा कंपनी को अदा किए गए थे। यह पॉलिसी 27 मार्च 2018 से 26 मार्च 2023 तक वैध थी। तीन मई 2021 को पति सूरज की काशीपुर में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
सूचना देने के बाद भी बैंक और बीमा कंपनी ने कोई मदद नहीं की थी। बैंक ने उन पर ऋण वापस करने का दवाब बनाया था। उन्होंने बीमा लोकपाल से शिकायत की थी।
बीमा लोकपाल ने विपक्षी के खिलाफ फोरम या न्यायालय में शिकायत करने की सलाह दी थी। आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार, सदस्य नवीन चंदोला ने मामले की सुनवाई की।
उन्होंने दोनों पक्षों की ओर से दिए गए दस्तावेज और तर्क सुनने के बाद अपोलो कंपनी को निर्णय की तारीख से 45 दिन के भीतर पाॅलिसी की धनराशि में से तीन किश्तों की धनराशि जो कंपनी की ओर से वापस की गई को काटकर बकाया रुपये केनरा बैंक में जमा करने के आदेश दिए।