काशीपुर। कुमाऊं-गढ़वाल को जोड़ने वाली चार यात्री ट्रेनें निरस्त करने के विरोध में महानगर कांग्रेस ने रेलवे जंक्शन पर धरना दिया। उन्होंने मांग की कि जनहित में पूर्वोत्तर रेलवे को अपने इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। इसके अलावा कोरोना संक्रमण को देखते हुए नीट जेईई रद्द कराने की मांग भी की गई।
शुक्रवार को महानगर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सहगल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि काशीपुर से चार ट्रेनों को स्थायी रूप से निरस्त करना पूर्वोत्तर रेलवे का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। कहा कि पूर्व सीएम स्व. एनडी तिवारी, पूर्व सांसद स्व. सत्येंद्र चंद्र गुड़िया और केसी बाबा के प्रयासों से काशीपुर में बड़ी रेल लाइन स्थापित हुई लेकिन विधायक हरभजन सिंह चीमा की लचर पैरवी के चलते सरकार के स्तर पर जनविरोधी निर्णय हो रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने रेलमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन मास्टर विनोद कुमार को सौंपा। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार नीट जेईई रद्द करने की मांग भी की। धरना-प्रदर्शन करने वालों में प्रीत बम, रवि ढींगरा, विमल गुड़िया, अरुण चौहान, अब्दुल कादिर, महेंद्र बेदी, मतलूब अहमद, महेंद्र लोहिया, अलका पाल, जय सिंह गौतम, सचिन नाडिग, मंसूर अली, जफर मुन्ना, राजेश पेंटर आदि थे।
इन ट्रेनों को किया गया है बंद
गाड़ी संख्या 55321(मुरादाबाद-रामनगर)
गाड़ी संख्या 55308 (रामनगर-मुरादाबाद)
गाड़ी संख्या 15033 अप (हरिद्वार-रामनगर)
गाड़ी संख्या 15034 डाउन (रामनगर-हरिद्वार)
आरटीआई से हुआ ट्रेनें बंद किए जाने का खुलासा
आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने आरटीआई के तहत पूर्वोत्तर रेलवे से लॉकडाउन से पूर्व संचालित उन रेल गाड़ियों के बारे में जानकारी मांगी थी, जिन्हें स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे ने जो जवाब दिया वह काफी चौंकाने वाला रहा। इनमें रामनगर-काशीपुर-मुरादाबाद होते हुए हरिद्वार के बीच और रामनगर-काशीपुर-मुरादाबाद के बीच चलने वाली ट्रेनों के स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय भी शामिल हैं।
यही नहीं काशीपुर को गढ़वाल से जोड़ने वाली एक मात्र ट्रेन 15033 को भी बंद करने का निर्णय पूर्वोत्तर रेलवे ने लिया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन बृहस्पतिवार, शनिवार, रविवार चलती थी। नदीम ने बताया कि इन गाड़ियों को बंद करने का निर्णय इससे होने वाली आय और राजस्व में कमी के आधार पर लिया गया है।