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महंगी किताबों को लेकर अभिभावकों का हंगामा

Wed, 29 Mar 2017 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खटीमा। 
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महंगी किताबें बेचने का विरोध - फोटो : अमर उजाला
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खटीमा। सर्राफ पब्लिक स्कूल के अभिभावकों ने स्कूल के बाहर खुली किताब की दुकान में मनमाने रेट पर किताबें देने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। उनका आरोप है कि दुकानदार स्कूल की मिलीभगत के चलते ही रुद्रपुर से यहां आकर किताबें बेच रहा है। पुलिस ने दुकान बंद करा दी। 
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लोहियाहेड रोड स्थित सर्राफ पब्लिक स्कूल परिसर के बाहर आजकल किताब की दुकान खुली है। मंगलवार को किताब खरीदने के लिए तमाम अभिभावक पहुंचे थे। इसी दौरान अभिभावकों ने किताबों के मनमाने दाम वसूलने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। दुकान स्वामी ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन अभिभावक उसकी दलील से सहमत नहीं थे।

हंगामे की सूचना मिलते ही एसएसआई जगदीश ढकरियाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को दुकान से हटाया और दुकान को बंद करा दिया। अभिभावकों का आरोप था कि दुकानदार और स्कूल प्रशासन की मिलीभगत के कारण ही दुकानदार यहां आकर महंगी किताबें बेच रहा रहा है।
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वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य धीरज भार्गव ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे मिलीभगत के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में एनसीईआरटी की किताबें लागू हैं जो मार्केट में कहीं से भी खरीदी जा सकती हैं। कुछ अभिभावकों द्वारा दुकानों में भारी भीड़ को देखते हुए किताबों की अलग से व्यवस्था करवाने को कहा गया था, इसके तहत ही इस दुकानदार को अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को कहीं से भी किताब खरीदने को कह दिया गया है। 

सितारगंज। स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कराने की मांग को लेकर अभिभावक संघ मुखर हो गया है। अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री से एनसीईआरटी की पुस्तकें तत्काल लागू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों से वह इस मांग को उठा रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) के आदेश के बावजूद स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें संचालित कर रहे हैं।

मंगलवार को अभिभावक संघ के लोगों ने एसडीएम विनोद कुमार के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि अभिभावकों की मांग को देखते हुए एचआरडी मंत्रालय ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू नहीं की जबकि, एनसीईआरटी की पुस्तकें सस्ती हैं।

एचआरडी मंत्रालय के आदेश के बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी की जा रही है। उन्होंने एचआरडी मंत्रालय के आदेशों के सख्ती से लागू कराने और पब्लिक स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठयक्रम लागू करने की मांग की। वहां हरीश दुबे, जिलानी अंसारी, मोनू शर्मा, दीपक चौहान, कैनन जॉर्डन, सुरेश देवल, राकेश नेगी, अजय सक्सेना आदि थे।
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