मिसाइल डिस्पोज करने के बाद उठा धुएं का गुब्बार।
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‘ऑपरेशन 555 पतरामपुर’ करीब पांच घंटे लंबा चला। बाराबंकी मध्य कमान से आई सेना की काउंटर एक्सप्लोसिव डिवाइस यूनिट (सीईयूडी) ने कुल सात धमाके किए। इस ऑपरेशन में 220 छोटे मोर्टार सेल (मिसाइलें) नष्ट किए गए। अब जमींदोज 335 छोटे-बड़े मोर्टार सेल निकालकर नष्ट किए जाने हैं।
पतरामपुर चौकी के पीछे जमीन खोदकर निकाले गए 220 मोर्टार सेल लेकर सेना की काउंटर एक्सप्लोसिव डिवाइस यूनिट कड़ी सुरक्षा के बीच ऑपरेशन स्थल फीका नदी पर पहुंची। ऑपरेशन निर्बाध रूप से चले, इसके लिए ऑपरेशन स्थल के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। यह स्थान अमानगढ़ वन रेंज से सटा है। जिस स्थान पर मोर्टार सेल निष्क्रिय किए जा रहे हैं, वह हजीरों का राजस्व क्षेत्र पड़ता है।
सेना की ओर से फीका नदी में 25 वर्ग फिट व 15 फिट गहरे पांच पिट बनाए गए हैं। इन्हें रेत से भरी बोरियों से चारों ओर से कवर किया गया है। इन्हीं गड्ढों में एक्सप्लोसिव के साथ मिसाइलें रखी गई। इस स्थान से 700 मीटर की दूरी पर फायर पिट तैयार किया गया है। शुक्रवार दोपहर दो बजे से इलेक्ट्रिक डेटोनेटर कार्ड डेटोनेटिंग, टीएनटी स्लैब, पीईके, सेफ्टी फ्यूज आदि का उपयोग कर धमाके किए गए। पहला धमाका कम तीव्रता का रहा। इसके बाद सिलसिलेवार सात धमाके किए गए। धमाकों के चलते आसपास के इलाके में धुंध छा गई। यूनिट के कैप्टन विकास मलिक ने बताया कि शुक्रवार को कुल 220 छोटे मोर्टार सेल नष्ट किए गए।
ऑपरेशन में नायब सूबेदार केबी भोसले के अलावा रक्षपाल सिंह, सेंडगे एआर एवं बीजी पाटिल, केलरे दीपक, पंकज साल्वी, राउन कैलाश व संजीत कुमार, रणपिसे डीडी, डीजे कोकरे, महेंद्र सिंह आदि ने सहयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, कोतवाल अबुल कलाम, चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट भी ऑपरेशन के दौरान मौजूद रहे।