काशीपुर। जनसंख्या नियंत्रण के सरकारी प्रयास पुरुषों की उदासीनता के कारण सफल नहीं हो पा रहे हैं। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो साल में 273 महिलाओं की तुलना में केवल सात पुरुषों ने नसबंदी कराई है।
स्वास्थ्य विभाग के ये आंकड़े बताते हैं कि नसबंदी योजना मुख्य रूप से महिलाओं तक ही सीमित है। सरकार की ओर से हर साल 11 से 24 जुलाई तक महिला और 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मनाया जाता है।
इसमें महिला-पुरुषों की काउंसलिंग करके नसबंदी के लिए जागरूक किया जाता है। बावजूद इसके महिलाओं में जागरुकता बढ़ रही लेकिन पुरुष इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय के आंकड़े बता रहे हैं।
अस्पताल की परिवार नियोजन परामर्शदाता रेखा मठपाल ने बताया कि सत्र 2024-25 में 137 महिलाओं और तीन पुरुषों ने नसंबदी कराई थी। सत्र 2025-26 में 136 महिलाओं और चार पुरुषों ने नसंबदी कराई है। अस्पताल में पुरुषों को जागरूक करने के लिए पुरुष काउंसलर नहीं हैं। इससे आशा कार्यकर्ताओं को समझाने में कठिनाई होती है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में गर्भ निरोधक अंतरा इंजेक्शन लगने की सुविधा है। इच्छुक महिलाएं यह इंजेक्शन अस्पताल में निशुल्क लगवा सकती हैं। एक साल में इसकी चार डोज लगती है। नवंबर 2025 से अब तक 70 डोज लग चुकी है। नसबंदी कराने पर महिला को ₹1400 और पुरुष को ₹2000 तक की राशि मिलती है।
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कोट:
हर जगह ही महिलाओं की अपेक्षा पुरुष नसबंदी कम हो रही है। इसके लिए संबंधित कर्मियों से पुरुषों को जागरुक करने के निर्देश दिए जाएंगे।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर