काशीपुर। नगर निगम प्रशासन की ओर से कारोबारियों के लिए जुलाई 2025 में ट्रेड लाइसेंस की नई उपविधि लागू की थी। इसके तहत 11 हजार लाइसेंस बनाने का लक्ष्य है। इसके बावजूद नौ माह में मात्र 1500 ही लाइसेंस बन सके हैं।
निगम प्रशासन के टैक्स अनुभाग के कर अधीक्षक अनिरुद्ध गौड़ ने बताया नई उपविधि में 11 हजार ट्रेड लाइसेंस बनाने का लक्ष्य है। सितंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक 1500 लाइसेंस बने हैं जिसके सापेक्ष लाइसेंस शुल्क 49 लाख रुपये जमा हुए हैं। कारोबारी अभी ट्रेड लाइसेंस बनाने में कम रुचि ले रहे हैं। इस कारण ट्रेड लाइसेंस बनाने की तारीख बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि निगम के कमरा तीन में ट्रेड लाइसेंस अनुभाग जितेंद्र कुमार को लाइसेंस बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि व्यापारी हित में ट्रेड लाइसेंस शुल्क में 50 फीसदी अर्थदंड के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। लाइसेंस बिना अर्थदंड बनाने की तय तिथि 15 मई के स्थान पर अब 31 मई है। लाइसेंस शुल्क में 50 फीसदी के प्रावधान को बोर्ड बैठक के अनुमोदन की प्रत्याशा में समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।