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अवैध खनन में बेटा गिरफ्तार, सदमे में पिता की मौत 

Wed, 05 Dec 2018 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बाजपुर।
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अवैध खनन में बेटे के गिरफ्तार होने का पता चलने पर एक पिता की सदमे के चलते मौत हो गई। पिता को सुपुर्देखाक करने के लिए जब बेटे को कुछ देर के लिए छोड़ने की मोहलत मांगी गई तो पुलिस ने कानून का हवाला देते हुए उसे नहीं छोड़ा। क्षेत्र में दिनभर यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। 

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कोतवाल तुषार बोरा सोमवार रात को टीम के साथ कोसी कांटा मार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। इस बीच टीम को खनन क्षेत्र में तीन डंपर (यूए 06 सीए 1903) के चालक दानवीर निवासी गांव रामजीवनपुर के वाहन में 120 क्विंटल, चालक राजेश निवासी गांव रामजीवनपुर के डंपर (यूए 06 सीए 4734) में 120 क्विंटल और चालक मतलूब निवासी गांव हरलालपुर के डंपर (यूके 18 सीए 1598) में 125 क्विंटल उपखनिज भरा मिला। तीनों ही चालकों के पास रॉयल्टी के कागजात नहीं थे।

इस पर टीम ने तीनों डंपरों को सीज करते हुए उनके चालकों को धारा 379, 411 और 26 वन अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। तीनों को सुबह कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि रात में जब मतलूब घर नहीं पहुंचा तो उसके पिता साबिर (65) ने सगे संबंधियों को फोन कर उसके बारे में मालूमात की, लेकिन कोई उसका सुराग नहीं लग सका। इधर साबिर के एक पुत्र दिलशाद ने बताया कि मंगलवार सुबह पिता को जैसे ही पता चला कि मतलूब अवैध खनन के आरोप में जेल में बंद है तो सदमे में आकर उनकी की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। 
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वहीं, ग्राम हरलालपुर की प्रधान रफीकन के पुत्र मतलूब हुसैन ने बताया कि वह गांव के फुरकान, मोहम्मद रफी और राधे सैनी को साथ लेकर कोतवाल तुषार बोरा से मिले थे। उन्होंने मतलूब को उसके पिता के सुपुर्देखाक के लिए घर भेजे जाने की इजाजत मांगी थी लेकिन कोतवाल ने कानून का हवाला देते हुए मतलूब को छोड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने शाम करीब चार बजे मतलूब की गैर मौजूदगी में ही उसके पिता को सुपुर्देखाक कर दिया। इधर, कोतवाल का कहना था कि गिरफ्तार किसी भी व्यक्ति को बिना कोर्ट के आदेश के बिना नहीं छोड़ा जा सकता है, उन्होंने सिर्फ कानून का पालन किया है। इधर, युवक को थाने से नहीं छोड़ने को लेकर गांव में पुलिस के प्रति रोष और तरह-तरह की चर्चाएं हैं। 

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