खटीमा। भारत-नेपाल सीमा पर वन तस्करों और वन कर्मियों की मुठभेड़ में तस्करों की गोली से एक वन बीट अधिकारी घायल हो गया। मौके पर पहुंचे वन उच्चाधिकारियों और पुलिस ने घायल वन कर्मी को नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया। घायल की हालत खतरे से बाहर है।
सोमवार देर रात खटीमा रेंज के वन कर्मियों की टीम भारत-नेपाल सीमा के पास धनुष पुल के पास गश्त कर रही थी। इसी बीच देर रात करीब 12 बजे पास नखाताल कक्ष संख्या 3 में गश्ती टीम में शामिल भजन देव, विवेक कुमार, दौलत और विवेक बोरा को लकड़ी काटने की आहट सुनाई दी। टीम ने घेराबंदी कर तस्करों का पकड़ने का प्रयास किया।
खतरा भांपते हुए तस्करों ने वन कर्मियों पर फायर झोंक दिया। गोली वन बीट अधिकारी विवेक कुमार के गले और कंधे को रगड़ मारते हुए निकल गई। साथी के जख्मी होने से टीम में अफरातफरी मच गई और वन कर्मियों ने आत्मरक्षा में दो राउंड हवाई फायर किए। इसी बीच तस्कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए नेपाल सीमा की ओर भाग गए। टीम में शामिल वन कर्मियों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही वन विभाग एसडीओ बाबू लाल, रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल चकरपुर पुलिस चौकी प्रभारी ललित बिष्ट के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके से दो साइकिल, साल के दो गिल्टे और एक मोबाइल फोन बरामद किया। बरामद मोबाइल में नेपाल का सिम लगा हुआ है। वन अधिकारी और पुलिस कर्मियों ने घायल वन कर्मी को नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया।
डॉक्टर के मुताबिक वन कर्मी के गले और कंधे पर गोली के छर्रे लगे थे। प्राथमिक इलाज के बाद घायल वन कर्मी को छुट्टी दे दी गई। कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। रेंजर राजेंद्र मनराल ने बताया कि वन तस्करों की फायरिंग में घायल वन कर्मी की तहरीर झनकईया थाने में दी गई है।
इधर, थाना प्रभारी दिनेश फर्त्याल ने बताया कि वन दरोगा भजन सिंह देव की तहरीर पर वन बीट अधिकारी विवेक कुमार पर गोली मारकर घायल करने के मामले में अज्ञात के खिलाफ धारा 307 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, एसडीओ बाबू लाल ने बताया कि तस्करों के छूटे मोबाइल से आरोपियों की तलाश की जा रही है। बरामद मोबाइल में नेपाल की सिम लगी हुई है। उन्होंने कहा कि वन तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में भी तस्करों ने वन कर्मियों से की है हाथापाई
खटीमा। वन तस्करों से मुठभेड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरई रेंज में 31 मार्च 2016 में खकरा नंबर 14 में वन तस्करों ने वन कर्मी बृजेश से हाथापाई की थी। वहीं, 31 अगस्त 2020 को तस्करों की लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने पर वन तस्कर कर्मचारी संतोष भंडारी के साथ हाथापाई कर फरार हो गए थे।
खटीमा में वन तस्करों की गोली लगने से घायल वन बीट अधिकारी विवेक कुमार।- फोटो : KHATIMA