रुद्रपुर। भले ही सरकार बेहतर तालीम के लिए लाख जतन कर रही हो लेकिन धरातल पर लड़खड़ाती शिक्षा व्यवस्था को अधिकारी ही पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। रुद्रपुर में एक विद्यालय ऐसा भी है जिसके विद्यार्थी भवन के जर्जर होने के चलते दूसरे स्कूल में शिफ्ट हो गए हैं। दो साल में बदहाली तो नहीं सुधरी मगर छात्र संख्या शून्य रहने पर यहां परिसर में बरातघर बना दिया गया। अब यहां पीरियड का घंटा नहीं, शहनाई गूंजती है।
वार्ड 21 का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रंपुरा वर्ष 2015 में स्थापित हुआ था। उस समय यहां 80 से 90 छात्र पंजीकृत थे। पढ़ाने के लिए दो शिक्षक थे। वर्ष 2022 में विद्यालय का भवन जर्जर होने से जिला प्रशासन ने यहां के बच्चों को पीएम श्री अटल उत्कृष्ट एएन झा राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रपुर में समायोजित करा दिया। अगले साल इस विद्यालय में नए पंजीकरण ही नहीं हुए। छात्र संख्या शून्य रहने से विद्यालय पर ताला जड़ दिया गया। इसके बाद विद्यालय के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव भेजने के बजाय नगर निगम की ओर से विद्यालय परिसर में बरातघर का निर्माण करा दिया। दाेनों शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया गया। संवाद
कोट
जर्जर भवन के कारण बच्चों का दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण किया गया था। छात्र संख्या शून्य होने पर नगर निगम ने विद्यालय को बरातघर बना दिया। - के एस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी